दुनिया की सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी परियोजना
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल ने लेह में एनटीपीसी की ग्रीन हाइड्रोजन बसों के बेड़े को हरी झंडी दिखाई। लेह में ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी प्रोजेक्ट में इन-सीटू 1.7 मेगावाट सौर संयंत्र, 80 किलोग्राम/दिन क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन फिलिंग स्टेशन और 5 हाइड्रोजन इंट्रा-सिटी बसें शामिल हैं।
प्रत्येक बस 25 किलोग्राम हाइड्रोजन भरकर 300 किमी की दूरी तय कर सकती है।
यह दुनिया की सबसे अधिक ऊंचाई (3650 मीटर एमएसएल) पर स्थित ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी परियोजना भी है, जिसे कम घनत्व वाली हवा, शून्य से नीचे के तापमान में संचालित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और यह 350 बार दबाव पर हाइड्रोजन भर सकता है।
लद्दाख में ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी समाधान की संभावना बहुत मजबूत है, क्योंकि कम तापमान के साथ उच्च सौर विकिरण, सौर ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन का कुशलतापूर्वक उत्पादन करने के लिए एक बेहतरीन स्थान है।
इन स्थानों पर इस ग्रीन ईंधन के उत्पादन और उपयोग से जीवाश्म ईंधन से बचा जा सकेगा और ऊर्जा आवश्यकता के मामले में ये स्थान आत्मनिर्भर बनेंगे।