विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को कहा कि आर्द्रभूमियाँ (Wetlands) न केवल पारिस्थितिकी तंत्र का पोषण करती हैं, बल्कि समुदायों, संस्कृति और आजीविका को भी सहारा देती हैं।

मुख्य कार्यक्रम

विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 के अवसर पर, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

  • विषय (Theme): ‘आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान: सांस्कृतिक विरासत का उत्सव’ (Wetlands and Traditional Knowledge: Celebrating Cultural Heritage)।
  • फोकस: यह कार्यक्रम आर्द्रभूमि के महत्व और उनके संरक्षण में पारंपरिक ज्ञान एवं स्थानीय समुदायों की भूमिका पर केंद्रित था।

विश्व आर्द्रभूमि दिवस और रामसर कन्वेंशन

  • दिनांक: हर साल 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है।
  • इतिहास: यह दिन 2 फरवरी 1971 को ईरान के रामसर में ‘कन्वेंशन ऑन वेटलैंड्स’ (रामसर कन्वेंशन) को अपनाए जाने की याद में मनाया जाता है।
  • भारत की भूमिका: भारत 1 फरवरी 1982 को इस कन्वेंशन का हस्ताक्षरकर्ता बना।

भारत की उपलब्धि

वर्तमान में, भारत 98 अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों (रामसर साइट्स) के साथ रामसर स्थलों की संख्या के मामले में एशिया में अग्रणी है।

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