भारत में LPG और LNG की स्थिति
पश्चिम एशिया के संघर्ष ने भारत में विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए प्राकृतिक गैस और रसोई गैस (LPG) के उपयोग पर गहरा दबाव डाला है।
एलपीजी (LPG) और रसोई गैस की स्थिति:
- व्याप्ति (Coverage): भारत में एलपीजी कवरेज 2016 (योजना की शुरुआत) के 62% से बढ़कर लगभग 100% घरों तक पहुंच गया है। अन्य पारंपरिक खाना पकाने के तरीके लगभग समाप्त हो गए हैं।
- खपत: पिछले 10 वर्षों में (2022-23 तक) भारत में एलपीजी की कुल खपत लगभग दोगुनी हो गई है।
- आयात पर निर्भरता: भारत अपनी एलपीजी आवश्यकता का लगभग 60% आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा सऊदी अरब और कतर जैसे फारस की खाड़ी के देशों से आता है।
- संरचना और उत्पादन: एलपीजी में मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन गैसें होती हैं। LPG में थोड़ी मात्रा में हायर हाइड्रोकार्बन भी होते हैं। ये प्राकृतिक गैस (मीथेन) के साथ भी पाई जाती हैं और कच्चे तेल के शोधन (Refining) तथा पेट्रोकेमिकल उत्पादन के दौरान भी प्राप्त होती हैं।
- सरकारी निर्देश: सरकार ने भारतीय रिफाइनरियों को कच्चे तेल के प्रसंस्करण से प्रोपेन-ब्यूटेन का उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। IOC और BPCL जैसी तेल विपणन कंपनियां भारत की 40% एलपीजी जरूरतों को पूरा करती हैं, जिन्हें बाद में बोतलबंद (Bottling) कर वितरित किया जाता है।
तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG):
- क्या है LNG? यह प्राकृतिक गैस या मीथेन है जिसे –160°C से नीचे ठंडा करके तरल बनाया जाता है और जहाजों के माध्यम से ले जाया जाता है।
- आपूर्ति: भारत की प्राकृतिक गैस की आधी जरूरत घरेलू उत्पादन से और आधी LNG आयात से पूरी होती है। कतर भारत के कुल LNG आयात का आधा हिस्सा दीर्घकालिक अनुबंधों के माध्यम से आपूर्ति करता है।
- भंडारण और पुनर्गैसीकरण: आयातित LNG को भारतीय बंदरगाहों पर स्थित विशेष ‘क्रायोजेनिक टैंकों’ में संग्रहित किया जाता है, फिर इसे पुनर्गैसीकृत (Regasified) कर पाइपलाइनों के माध्यम से भेजा जाता है।
प्राकृतिक गैस के प्रमुख उपयोग:
- उर्वरक उत्पादन: अमोनिया बनाने के लिए, जिससे खाद तैयार होती है।
- बिजली उत्पादन: ऊर्जा संयंत्रों में ईंधन के रूप में।
- सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD): घरों में खाना पकाने (PNG), वाहनों (CNG) और वाणिज्यिक उपयोग के लिए।
- औद्योगिक उपयोग: रिफाइनरियों और अन्य उद्योगों में ईंधन और कच्चे माल के रूप में।
Source: TH


