वेनेजुएला में डेल्सी रोड्रिग्ज ने ली अंतरिम राष्ट्रपति की शपथ
वेनेजुएला की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत करते हुए, देश की संसद (नेशनल असेंबली) ने 5 जनवरी, 2026 को डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई। यह नाटकीय घटनाक्रम अमेरिकी सैन्य बलों द्वारा पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाए जाने के ठीक दो दिन बाद हुआ है।
संसद में शपथ ग्रहण और वाशिंगटन के साथ सहयोग का संकेत
नेशनल असेंबली में आयोजित एक औपचारिक समारोह के दौरान, सुश्री रोड्रिग्ज ने “सभी वेनेजुएलावासियों के नाम पर” पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद, उन्होंने संकेत दिया कि उनका प्रशासन वाशिंगटन के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है, जो पिछले कई दशकों से जारी तनावपूर्ण संबंधों में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है।
संसद के सदस्यों ने सुश्री रोड्रिग्ज को अपना पूरा समर्थन दिया है। विशेष रूप से, वह निकोलस मादुरो के शासनकाल में उपराष्ट्रपति के रूप में कार्यरत थीं। इसी सत्र के दौरान उनके भाई, जॉर्ज रोड्रिग्ज को फिर से संसद अध्यक्ष (नेशनल असेंबली प्रेसिडेंट) के रूप में चुना गया।
अमेरिकी सैन्य हमला और मादुरो की गिरफ्तारी
वेनेजुएला की राजधानी काराकास में यह राजनीतिक बदलाव 3 जनवरी को हुए एक अभूतपूर्व अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश पर, अमेरिकी सैन्य बलों ने काराकास पर हमला किया और निकोलस मादुरो व उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो को नशीली दवाओं की तस्करी (drug trafficking) के आरोपों में मुकदमे का सामना करने के लिए न्यूयॉर्क ले जाया गया है। इस औचक सैन्य हमले ने न केवल वेनेजुएला, बल्कि पूरी दुनिया को चौंका दिया है।
संसद की मिली-जुली प्रतिक्रिया
नेशनल असेंबली का रुख इस दौरान दोतरफा रहा। एक ओर, सांसदों ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और वामपंथी नेता श्री मादुरो की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की, वहीं दूसरी ओर, उन्होंने देश में स्थिरता बनाए रखने के लिए सुश्री रोड्रिग्ज के नेतृत्व को स्वीकार करते हुए उन्हें समर्थन देने का वादा किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि डेल्सी रोड्रिग्ज की नियुक्ति और उनका लचीला रुख वेनेजुएला पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और आर्थिक संकट को दूर करने की एक कोशिश हो सकती है।


