देवभूमि परिवार विधेयक-2026

उत्तराखंड सरकार ने 10 मार्च 2026 को गैरसैंण में बजट सत्र के दौरान विधानसभा में “देवभूमि परिवार विधेयक-2026” (Devbhoomi Family Bill-2026) पेश किया है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और लाभार्थियों को पारदर्शी सहायता सुनिश्चित करना है। 

मुख्य विशेषताएं

  • एकीकृत डेटाबेस: इस विधेयक के पारित होने के बाद, “देवभूमि परिवार” नामक एक एकीकृत और सत्यापित परिवार-आधारित डेटाबेस स्थापित किया जाएगा।
  • महिला मुखिया: इस प्रणाली के तहत, परिवार की 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की सबसे बड़ी महिला सदस्य को परिवार का मुखिया (Head of the Family) पंजीकृत किया जाएगा।
  • एकल मंच (Single Platform): विभिन्न विभागों में बिखरे हुए लाभार्थियों के डेटा को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। 

वर्तमान चुनौतियों का समाधान

यह पहल वर्तमान प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के लिए डिज़ाइन की गई है:

  1. डेटा दोहराव का अंत: वर्तमान में विभाग अलग-अलग डेटाबेस का उपयोग करते हैं, जिससे रिकॉर्ड का दोहराव (duplication) होता है।
  2. सत्यापन में आसानी: अलग-अलग विभागों द्वारा बार-बार किए जाने वाले जटिल पुन: सत्यापन (re-verification) की प्रक्रिया समाप्त होगी।
  3. बेहतर समन्वय: विभागों के बीच समन्वय की कमी को दूर कर प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। 

अपेक्षित लाभ

  • पारदर्शिता: सहायता सीधे और स्पष्ट रूप से लाभार्थियों तक पहुँचेगी।
  • प्रभावी क्रियान्वयन: सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक तेजी से पहुँचना सुनिश्चित होगा।

प्रशासनिक दक्षता: डेटा के केंद्रीकरण से सरकारी मशीनरी पर कार्यभार कम होगा और सटीकता बढ़ेगी।

Source: AIR

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