शारदा नदी कॉरिडोर
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में चम्पावत जिले के टनकपुर में शारदा नदी कॉरिडोर का शिलान्यास किया। यह इस क्षेत्र के लिए एक बड़े स्तर की बुनियादी ढांचागत विकास और पर्यटन योजना की शुरुआत का प्रतीक है।
शारदा नदी का भौगोलिक महत्व
शारदा नदी, जिसे स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर महाकाली, काली गंगा और शारदा के नामों से भी जाना जाता है, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित ‘कालापानी’ नामक स्थान से निकलती है। महान हिमालय के बीच यह उद्गम स्थल लगभग 3,600 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।
नदी का प्रवाह और संगम
शारदा नदी उत्तराखंड से होते हुए उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है। उत्तर प्रदेश के बहराइच से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर यह घाघरा नदी में विलीन हो जाती है।
घाघरा नदी (जिसे नेपाल में करनाली के नाम से जाना जाता है) के बारे में कुछ मुख्य तथ्य इस प्रकार हैं:
- उद्गम: यह तिब्बती पठार से निकलती है।
- विस्तार: यह नेपाल से होते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार तक का सफर तय करती है।
- अंतिम संगम: अंततः यह पवित्र गंगा नदी में जाकर मिल जाती है।


