केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने स्वदेशी टेटनस और एडल्ट डिप्थीरिया (टीडी) वैक्सीन लॉन्च की
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने 21 फरवरी को हिमाचल प्रदेश के केंद्रीय अनुसंधान संस्थान (CRI), कसौली में स्वदेशी रूप से निर्मित टेटनस और एडल्ट डिप्थीरिया (Td) वैक्सीन लॉन्च की।
यहाँ इस नई वैक्सीन और स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़ी मुख्य जानकारी दी गई है:
मुख्य बिंदु:
- सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP): इस लॉन्च के साथ ही Td वैक्सीन को भारत सरकार के UIP के तहत आपूर्ति के लिए शामिल कर लिया गया है।
- आपूर्ति लक्ष्य: CRI कसौली अप्रैल 2026 तक UIP को 55 लाख खुराक की आपूर्ति करेगा, जिसे आने वाले वर्षों में और बढ़ाया जाएगा।
- WHO की सिफारिश: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने देशों को केवल टेटनस (TT) वैक्सीन के बजाय Td वैक्सीन (जिसमें डिप्थीरिया का सुरक्षा कवच भी है) अपनाने की सलाह दी थी।
बीमारियों के बारे में जानकारी:
यह वैक्सीन दो गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करती है:
- टेटनस (T): इसमें मांसपेशियों में दर्दनाक जकड़न और ऐंठन होती है। इससे ‘लॉकजॉ’ (मुँह खोलने में असमर्थता) और सांस लेने में कठिनाई जैसी गंभीर समस्याएँ हो सकती हैं।
- डिप्थीरिया (D): यह एक जानलेवा संक्रमण है जो सांस लेने में रुकावट, हार्ट फेलियर और पक्षाघात (paralysis) का कारण बन सकता है।
वैक्सीन की विशेषताएँ:
- संरचना: इसे शुद्ध डिप्थीरिया और टेटनस टॉक्सोइड को मिलाकर तैयार किया गया है।
- सामग्री: इसमें एल्युमीनियम फॉस्फेट (एडजुवेंट के रूप में) और थियोमर्सल (संरक्षक/preservative के रूप में) का उपयोग किया गया है।
- उद्देश्य: इसका मुख्य लक्ष्य किशोरों और वयस्कों में इन बीमारियों से होने वाली मृत्यु दर और बीमारी के प्रसार को कम करना है।


