महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को खादी और हस्तशिल्प को सशक्त बनाने के लिए ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल’ (Mahatma Gandhi Gram Swaraj Initiative) की घोषणा की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य खादी कपड़ों के उत्पादन और विनिर्माण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है।
इस पहल के मुख्य स्तंभ:
- वैश्विक बाजार जुड़ाव: भारतीय खादी और हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना।
- ब्रांडिंग और गुणवत्ता: उत्पादों की ब्रांडिंग में सुधार और उनकी गुणवत्ता को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना।
- आधुनिकीकरण: उत्पादन प्रक्रियाओं का आधुनिकीकरण करना और प्रशिक्षण व कौशल विकास (Skilling) पर ध्यान केंद्रित करना।
- ODOP के साथ समन्वय: यह पहल ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) कार्यक्रम को भी सहायता प्रदान करेगी।
लाभ और प्रभाव:
वित्त मंत्री के अनुसार, इस कदम से ग्रामीण युवाओं और बुनकरों को सीधा लाभ होगा। यह न केवल ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
खादी क्षेत्र की वर्तमान प्रगति
भारत का खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) वर्तमान में अभूतपूर्व विकास कर रहा है:
| विवरण | वित्तीय वर्ष 2024-25 | लक्ष्य 2025-26 |
| कुल टर्नओवर (Turnover) | ₹1.70 लाख करोड़ | ₹2 लाख करोड़ |


