अमेरिका ने अफ़गानिस्तान को “गलत तरीके से हिरासत में रखने वाला (Wrongful Detention)” देश नामित किया

9 मार्च को अमेरिकी विदेश विभाग ने अफगानिस्तान को ‘गलत तरीके से हिरासत में लेने’ (Wrongful Detention) का प्रायोजक नामित किया है। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत ने अलग से अफगानिस्तान की आलोचना करते हुए उस पर “बंधक कूटनीति” (Hostage Diplomacy) में शामिल होने का आरोप लगाया।

  • ईरान के समान श्रेणी: इस पदनाम (designation) के साथ अब अफगानिस्तान भी ईरान की श्रेणी में शामिल हो गया है। पिछले दो हफ्तों में अमेरिका ने इन दोनों देशों को विशेष रूप से उन देशों के रूप में चिन्हित किया है जो अपनी नीतिगत रियायतें (policy concessions) मनवाने की उम्मीद में अमेरिकियों को बंधक बनाते हैं।
  • घटनाक्रम: ईरान को 27 फरवरी को इसी श्रेणी में डाला गया था। इसके ठीक एक दिन बाद अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ हमले शुरू किए थे, जो अब मध्य पूर्व में एक पूर्ण युद्ध का रूप ले चुका है।
  • उद्देश्य: इस पदनाम का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों पर दबाव बढ़ाना है ताकि वे अमेरिकियों को बंधक बनाना बंद करें, अन्यथा उन्हें गंभीर दंड और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

यह एक ऐसी रणनीति है जिसमें कोई देश विदेशी नागरिकों (विशेषकर शक्तिशाली देशों के नागरिकों) को गिरफ्तार या हिरासत में लेता है ताकि उनके बदले में दूसरे देश से राजनीतिक लाभ, धन की मुक्ति या नीतिगत बदलाव हासिल कर सके।

  1. यात्रा चेतावनी: यह पदनाम अमेरिकी नागरिकों के लिए एक सख्त चेतावनी है कि वे इन देशों की यात्रा न करें।
  2. अंतर्राष्ट्रीय दबाव: इसके माध्यम से अमेरिका वैश्विक मंच पर अफगानिस्तान और ईरान को अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा है।
  3. वित्तीय दंड: ऐसे देशों पर अक्सर अतिरिक्त आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाते हैं जो उन्हें वैश्विक बैंकिंग और व्यापार प्रणालियों से दूर कर देते हैं।

Source: TH

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