ट्रम्प ने ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत 10% नए आयात शुल्क लगाए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए शुल्कों की जगह तुरंत 150 दिनों के लिए 10% अस्थायी वैश्विक आयात शुल्क लागू कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने अन्य कानूनों के तहत नई जांच के आदेश दिए हैं, जिससे वे भविष्य में फिर से ऊंचे शुल्क लगा सकें।
ट्रम्प ने 20 फरवरी की देर रात 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत नए शुल्क लगाने के कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए। यह कदम 1977 के ‘इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट’ (IEEPA) के तहत लगाए गए 10% से 50% तक के उन शुल्कों की जगह लेगा, जिन्हें शीर्ष अदालत ने अवैध घोषित कर दिया था। इसके साथ ही अब तक वसूले जा रहे प्रतिबंधित शुल्कों का संग्रह भी बंद कर दिया गया है।
प्रमुख जानकारी और आंकड़े
- प्रभावी तिथि: नए 10% शुल्क 24 फरवरी 2026 से लागू होंगे।
- राजस्व पर प्रभाव: धारा 301 (अनुचित व्यापार प्रथाओं) और धारा 232 (राष्ट्रीय सुरक्षा) के तहत संभावित बढ़े हुए शुल्कों के कारण 2026 में शुल्क राजस्व लगभग अपरिवर्तित रहने का अनुमान है।
- धारा 122 की शक्ति: यह पहले कभी इस्तेमाल नहीं की गई शक्ति राष्ट्रपति को “गंभीर” भुगतान संतुलन (Balance of Payments) के मुद्दों को हल करने के लिए किसी भी देश पर 150 दिनों तक 15% तक शुल्क लगाने की अनुमति देती है। इसके लिए किसी पूर्व जांच की आवश्यकता नहीं होती।
- संसदीय मंजूरी: 150 दिनों के बाद, इन शुल्कों की अवधि बढ़ाने के लिए अमेरिकी कांग्रेस (संसद) की मंजूरी अनिवार्य होगी।
ट्रंप का रुख और कानूनी पहलू
- भुगतान संतुलन का तर्क: 10% शुल्क के आदेश में धारा 122 के उपयोग को सही ठहराते हुए कहा गया कि अमेरिका का “भुगतान संतुलन घाटा बहुत बड़ा और गंभीर” है और स्थिति लगातार खराब हो रही है।
- नई जांच: ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन अन्य देशों और कंपनियों की अनुचित व्यापार प्रथाओं से देश की रक्षा के लिए धारा 301 के तहत कई नई देश-विशिष्ट जांच शुरू कर रहा है।
- रिफंड की संभावना: ‘पेन-व्हार्टन बजट मॉडल’ के अर्थशास्त्रियों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पिछले एक साल में एकत्र किए गए लगभग $175 बिलियन के शुल्क राजस्व पर रिफंड (वापसी) का दावा किया जा सकता है।


