टोबी कियर्स को पर्यावरण विज्ञान के टायलर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया
प्रसिद्ध अमेरिकी विकासवादी जीवविज्ञानी (Evolutionary Biologist) टोबी कियर्स (Toby Kiers) को पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए टायलर पुरस्कार (Tyler Prize) 2026 से सम्मानित किया गया है।
टायलर पुरस्कार: “पर्यावरण का नोबेल”
- स्थापना: 1973 में जॉन और एलिस टायलर द्वारा।
- पुरस्कार राशि: $250,000।
- महत्व: यह पर्यावरण विज्ञान और उपलब्धि को मान्यता देने वाला दुनिया का पहला और सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है। इसका प्रबंधन यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया (USC) द्वारा किया जाता है।
अग्रणी शोध: भूमिगत फंगल नेटवर्क (Underground Fungal Networks)
टोबी कियर्स का शोध मुख्य रूप से माइकोराइज़ल फंगस (Mycorrhizal Fungi) और पौधों के बीच के संबंधों पर केंद्रित है:
- जैविक बाज़ार (Biological Market): कियर्स ने साबित किया कि फंगस और पौधे एक ‘चतुर व्यापारी’ की तरह व्यवहार करते हैं। फंगस पौधों को फास्फोरस और नाइट्रोजन देते हैं और बदले में उनसे कार्बन (शर्करा और वसा) लेते हैं।
- मांग और आपूर्ति: फंगस सक्रिय रूप से उन क्षेत्रों में पोषक तत्व पहुंचाते हैं जहां उनकी कमी होती है, ताकि वे पौधों से अधिक कार्बन प्राप्त कर सकें—यानी कमी वाली चीज़ के लिए पौधे अधिक “कीमत” चुकाते हैं।
जलवायु परिवर्तन और कार्बन सिंक (Carbon Sink)
- कार्बन सोखना: माइकोराइज़ल फंगस सालाना लगभग 13.12 बिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) खींचते हैं।
- तुलना: यह वैश्विक स्तर पर जीवाश्म ईंधन से होने वाले कुल उत्सर्जन का लगभग एक-तिहाई (1/3) है।
- संरक्षण: कियर्स ने SPUN (Society for the Protection of Underground Networks) की सह-स्थापना की, जिसका उद्देश्य दुनिया भर के अंडरग्राउंड नेटवर्क का नक्शा बनाना और उन्हें बचाना है।
अंडरग्राउंड एटलस (Underground Atlas)
पिछले साल लॉन्च किया गया यह एटलस माइकोराइज़ल फंगस के वैश्विक वितरण को दर्शाता है। यह डेटा वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करता है कि जमीन के नीचे की जैव विविधता (Biodiversity) जलवायु को स्थिर रखने में कितनी महत्वपूर्ण है।


