पावर गैप इंडेक्स क्या है?

हाल ही में जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में ‘पावर गैप इंडेक्स’ के आंकड़ों का हवाला देते हुए यह बताया गया है कि भारत अपनी पूर्ण रणनीतिक क्षमता से नीचे कार्य कर रहा है।

पावर गैप इंडेक्स क्या है?

यह ऑस्ट्रेलिया स्थित लोवी इंस्टीट्यूट (Lowy Institute) द्वारा जारी ‘एशिया पावर इंडेक्स’ से प्राप्त एक विश्लेषणात्मक माप है।

  • उद्देश्य: यह किसी देश के संसाधनों (Resources) के आधार पर उसके अपेक्षित प्रभाव और क्षेत्र में उसके वास्तविक प्रभाव के बीच के अंतर को दर्शाता है।
  • पॉजिटिव स्कोर (+): इसका अर्थ है कि देश अपने संसाधनों की तुलना में अधिक प्रभाव डालता है (राजनय और गठबंधन के माध्यम से)।
  • नेगेटिव स्कोर (-): इसका अर्थ है कि देश के पास क्षमताएं तो हैं, लेकिन वह भू-राजनीति में उनका पूरी तरह से लाभ नहीं उठा पा रहा है।

भारत की स्थिति: प्रमुख निष्कर्ष

  • रैंकिंग: एशिया पावर इंडेक्स 2025 में, भारत 27 देशों में तीसरे स्थान (स्कोर 40.0) पर है और पहली बार “प्रमुख शक्ति” (Major Power) की श्रेणी में शामिल हुआ है। शीर्ष पर अमेरिका और चीन हैं।
  • पावर गैप स्कोर: भारत का स्कोर -4.0 है, जो रूस और उत्तर कोरिया को छोड़कर एशिया में सबसे कम है।
  • तुलना: जापान (+1.0), ऑस्ट्रेलिया (+8.0), सिंगापुर (+5.2) और दक्षिण कोरिया (+5.1) जैसे कम संसाधन वाले देश अपने प्रभाव के मामले में भारत से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

निष्कर्ष

आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, हालांकि भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत है, लेकिन वह अभी तक अपने आर्थिक आकार और विकास को बाहरी प्रभाव (विशेष रूप से आर्थिक संबंधों और रक्षा साझेदारी) में पूरी तरह से नहीं बदल पाया है। सर्वे के शब्दों में, “भारत के पास अभी बहुत काम करना बाकी है।”

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