6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य
भारत सरकार ने मार्च 2027 की मूल समयसीमा से एक साल पहले ही 3 करोड़ लखपति दीदियों का मील का पत्थर पार कर लिया है। इस सफलता को देखते हुए, प्रधानमंत्री ने अब मार्च 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का एक नया और महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
योजना का स्वरूप और उद्देश्य
लखपति दीदी पहल दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) का परिणाम है। यह केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (चंडीगढ़ और दिल्ली को छोड़कर) के साथ साझेदारी में लागू की जा रही एक प्रायोजित योजना है।
- मुख्य लक्ष्य: गरीब ग्रामीण परिवारों की आजीविका में सुधार करना और उन्हें सामाजिक एवं वित्तीय समावेशन के लिए स्वयं सहायता समूहों (SHG) में संगठित करना।
- आय का मानक: इस पहल का उद्देश्य SHG महिलाओं को सक्षम बनाना है ताकि वे स्थायी आधार पर प्रति वर्ष न्यूनतम 1 लाख रुपये की आय अर्जित कर सकें। इसका अर्थ है कम से कम 4 कृषि मौसमों या व्यावसायिक चक्रों तक औसतन 10,000 रुपये मासिक आय सुनिश्चित करना।
कार्यान्वयन की प्रक्रिया
यह पहल पूरी तरह से व्यक्तिगत SHG महिला पर केंद्रित है, न कि पूरे समूह पर। हालांकि, योजना बनाने और निगरानी करने में सामुदायिक संस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं:
- स्वयं सहायता समूह (SHG)
- ग्राम संगठन (VO)
- क्लस्टर स्तर के महासंघ (CLF)
वित्तीय व्यवस्था और कौशल विकास
- बजट: लखपति दीदी पहल के लिए कोई अलग बजट आवंटित नहीं है। प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और बीज पूंजी (Seed Funding) जैसी सभी गतिविधियाँ DAY-NRLM योजना के तहत वित्त पोषित हैं।
- बैंक लिंकेज: अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकताओं के लिए, SHG सदस्यों को बैंक ऋण और लिंकेज के माध्यम से सहायता प्रदान की जाती है।
- फोकस क्षेत्र: वित्तीय साक्षरता बढ़ाना, कौशल विकास, सरकारी विभागों के बीच समन्वय और महिलाओं में उद्यमशीलता की क्षमता विकसित करना।


