ग्रैंड इथियोपियन रेनेसां डैम (GERD)
ग्रैंड इथियोपियन रेनेसां डैम (GERD) का सैंडल डैम (Saddle Dam), जो विश्व स्तर पर सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण सहायक बांध है, एक सक्रिय ‘भू-खतरा हॉटस्पॉट’ (geohazard hotspot) बना हुआ है और इसमें अस्थिरता के गंभीर संकेत दिख रहे हैं। मार्च 2026 में ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ डिजास्टर रिस्क रिडक्शन’ में प्रकाशित एक अध्ययन ने चेतावनी दी है कि यदि यह बांध टूटता है, तो इससे निचले इलाकों (downstream regions) को खतरा हो सकता है, जिससे सूडान और मिस्र में लाखों लोगों का जीवन संकट में पड़ सकता है।+1
इथियोपिया में नील नदी (ब्लू नाइल) पर स्थित GERD के साथ लगभग 5 किलोमीटर लंबा और 50 मीटर ऊंचा एक सैंडल डैम भी बनाया गया है। GERD का यह सैंडल डैम अद्वितीय है क्योंकि यह GERD जलाशय के ‘लाइव स्टोरेज’ (उपयोगी जल भंडारण) का 89 प्रतिशत हिस्सा संभालता है, जो कि GERD स्थल पर ब्लू नाइल के औसत वार्षिक प्रवाह से भी अधिक है। यह इसे दुनिया के सबसे बड़े सैंडल डैमों में से एक बनाता है, जिसका सूडान और मिस्र में जल सुरक्षा और बाढ़ के जोखिम पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
मुख्य बिंदु:
- महत्व: यह सहायक बांध मुख्य बांध से भी अधिक पानी (89% लाइव स्टोरेज) को रोकने का काम करता है।
- अस्थिरता: नए अध्ययन के अनुसार, यह संरचनात्मक रूप से असुरक्षित (instability) हो सकती है।
- प्रभाव: इसके विफल होने की स्थिति में सूडान और मिस्र में विनाशकारी बाढ़ आ सकती है और जल आपूर्ति बाधित हो सकती है।


