राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव
10 राज्यों से चुने गए राज्यसभा के 37 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त होने वाला है। अब, चुनाव आयोग ने उन 37 सीटों के लिए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव (biennial elections) कराने का निर्णय लिया है।
राज्यसभा के बारे में मुख्य तथ्य:
- सदन का स्वरूप: राज्यसभा यानी ‘काउंसिल ऑफ स्टेट्स’ भारतीय संसद का ऊपरी सदन है। इसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि और भारत के राष्ट्रपति द्वारा नामित व्यक्ति शामिल होते हैं।
- नेतृत्व: भारत के उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति (ex-officio Chairman) होते हैं। राज्यसभा अपने सदस्यों के बीच से एक उपसभापति का भी चुनाव करती है।
- संरचना (अनुच्छेद 80): संविधान के अनुच्छेद 80 के अनुसार राज्यसभा की अधिकतम संख्या 250 निर्धारित है, जिसमें से:
- 12 सदस्य: राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत (Nominated) किए जाते हैं।
- 238 सदस्य: राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि होते हैं।
- वर्तमान स्थिति: वर्तमान में राज्यसभा की सदस्य संख्या 245 है, जिसमें 233 निर्वाचित सदस्य (राज्यों और दिल्ली, पुडुचेरी एवं जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेशों से) और 12 मनोनीत सदस्य हैं।
- सीटों का आवंटन: संविधान की चौथी अनुसूची राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सीटों के आवंटन का प्रावधान करती है। यह आवंटन प्रत्येक राज्य की जनसंख्या के आधार पर किया जाता है।
- निर्वाचन पद्धति: राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष निर्वाचन (indirect election) विधि से होता है।
- राज्यों के प्रतिनिधियों का चुनाव राज्य विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है।
- केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर) के प्रतिनिधियों का चुनाव उनके संबंधित निर्वाचक मंडल (Electoral College) द्वारा किया जाता है।
- यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (proportional representation) के अनुसार एकल संक्रमणीय मत (single transferable vote) के माध्यम से होता है।


