CHAKRA- ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने भारत के आर्थिक भविष्य को नई दिशा देने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। बैंक ने ‘CHAKRA’ नामक एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (CoE) लॉन्च किया है, जो देश के उभरते हुए क्षेत्रों (Sunrise Sectors) को वित्तीय सहायता और तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करेगा।

इस केंद्र का उद्घाटन वित्तीय सेवा विभाग के सचिव, एम. नागराजु द्वारा किया गया।

क्या है ‘CHAKRA’ और इसका उद्देश्य?

‘CHAKRA’ एक ज्ञान-आधारित मंच के रूप में कार्य करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य उन उद्योगों को वित्तपोषित करना है जो तकनीक और स्थिरता (Sustainability) पर केंद्रित हैं। यह केंद्र न केवल ऋण प्रदान करेगा, बल्कि इन जटिल क्षेत्रों की बारीकियों को समझने के लिए एक हब के रूप में भी कार्य करेगा।


8 मुख्य उभरते क्षेत्र (Sunrise Sectors)

CHAKRA मुख्य रूप से उन आठ क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा जो 2030 तक भारत की अर्थव्यवस्था के प्रमुख चालक होंगे:

  1. अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy)
  2. उन्नत सेल केमिस्ट्री और बैटरी स्टोरेज (Advanced Cell Chemistry & Battery Storage)
  3. इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (Electric Mobility)
  4. ग्रीन हाइड्रोजन (Green Hydrogen)
  5. सेमीकंडक्टर्स (Semiconductors)
  6. डिकार्बोनाइजेशन (Decarbonisation)
  7. स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर (Smart Infrastructure)
  8. डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर (Data Centre Infrastructure)

आर्थिक प्रभाव: ₹100 लाख करोड़ का निवेश लक्ष्य

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए यह कदम मील का पत्थर साबित हो सकता है:

  • बड़ा निवेश: अनुमान है कि 2030 तक इन आठ क्षेत्रों में ₹100 लाख करोड़ से अधिक का पूंजीगत निवेश आकर्षित होगा।
  • सुविधा प्रदाता: SBI का यह केंद्र इस भारी-भरकम निवेश को सुगम बनाने और उसे सही दिशा देने के लिए एक ‘एनेबलर’ की भूमिका निभाएगा।
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