राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार 2025 प्रदान किए

नई दिल्ली, 14 दिसंबर 2025: भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस/National Energy Conservation Day (14 दिसंबर 2025) के अवसर पर यहां आयोजित समारोह में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार 2025 और ऊर्जा संरक्षण पर राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता के पुरस्कार प्रदान किए। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने ऊर्जा दक्षता, स्थिरता और जिम्मेदार ऊर्जा उपयोग को बढ़ावा देने की भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को उजागर किया।

राष्ट्रपति के प्रमुख बयान

  • सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा समुदायों को मजबूत बनाती है, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देती है तथा विकास के नए अवसर पैदा करती है।
  • हरित ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि सशक्तिकरण और समावेशी विकास का शक्तिशाली साधन है।
  • प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तथा राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन जैसी पहलों से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम हो रही है।
  • सरकार नवीकरणीय ऊर्जा उपभोग दायित्व (RPO) और उत्पादन प्रोत्साहन योजनाओं से नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित कर रही है।
  • 2023-24 में ऊर्जा दक्षता प्रयासों से 53.60 मिलियन टन तेल समतुल्य ऊर्जा की बचत हुई, जिससे आर्थिक बचत और CO2 उत्सर्जन में कमी आई।

केंद्रीय विद्युत मंत्री के उद्गार

  • भारत ने पेरिस समझौते के NDC लक्ष्य से 5 वर्ष पहले ही स्थापित क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म स्रोतों से हासिल कर ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया।
  • उत्सर्जन कमी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता; इसी क्रम में नवीकरणीय उपभोग दायित्व (RCO) की अधिसूचना जारी।
  • RCO के तहत डिस्कॉम, कैप्टिव पावर प्लांट और ओपन एक्सेस उपयोगकर्ताओं को कुल विद्युत खपत का न्यूनतम हिस्सा गैर-जीवाश्म स्रोतों से सुनिश्चित करना होगा।

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार 2025 का उद्देश्य

ऊर्जा दक्षता और संरक्षण जागरूकता बढ़ाने के लिए बीईई द्वारा प्रदान ये पुरस्कार औद्योगिक इकाइयों, संस्थानों और प्रतिष्ठानों के ऊर्जा खपत कम करने प्रयासों को मान्यता देते हैं। विद्युत मंत्रालय के मार्गदर्शन में ये पुरस्कार राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर दिए जाते हैं, जो ऊर्जा बचत को प्रोत्साहित करते हैं।

कर्नाटक को पहला पुरस्कार

  • ऊर्जा दक्षता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य पुरस्कार के लिए विजेताओं की सूची इस प्रकार है:
    • ग्रुप 1: कर्नाटक को पहला पुरस्कार दिया गया।
    • ग्रुप 2: आंध्र प्रदेश ने पहला पुरस्कार जीता।
    • ग्रुप 3: केरल को विजेता चुना गया।
    • ग्रुप 4: असम ने पहला स्थान हासिल किया।
    • ग्रुप 5: चंडीगढ़ ने पहला स्थान जीता।
  • यह पुरस्कार प्रतिवर्ष राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस, जो 14 दिसंबर को मनाया जाता है, के अवसर पर विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के तहत ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) द्वारा प्रदान किए जाते हैं।
  • यह सम्मान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा कुशल ऊर्जा उपयोग और टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देने के उत्कृष्ट प्रयासों को मान्यता देता है।

राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक (SEEI) पर आधारित पुरस्कार

  • यह पुरस्कार राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक (SEEI) पर आधारित है, जो कि ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) ने एलायंस फॉर एन एनर्जी एफिशिएंट इकोनॉमी (AEEE) के सहयोग से विकसित किया गया एक व्यापक मूल्यांकन ढांचा है।
  • यह सूचकांक प्रमुख क्षेत्रों जैसे:
    • भवन (Buildings)
    • उद्योग (Industry)
    • परिवहन (Transport)
    • नगरपालिका सेवाएँ (Municipal Services)
    • और क्रॉस-सेक्टोरल पहलें (Cross-sectoral Initiatives)
  • में वार्षिक प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है।
  • मूल्यांकन में नीति कार्यान्वयन, संस्थागत तंत्र, अक्षय ऊर्जा को अपनाना और बुनियादी ढाँचे का विकास जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाता है।

Source: PIB

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