फोटो-कैपेसिटर (Photo-capacitor)
भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत कार्यरत नैनो और सॉफ्ट मैटर विज्ञान केंद्र (CeNS), बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा आधुनिक उपकरण विकसित किया है जो सूरज की रोशनी से न केवल बिजली बनाएगा, बल्कि उसे अपने भीतर जमा (Store) भी करेगा। इसे ‘फोटो-कैपेसिटर’ (Photo-capacitor) नाम दिया गया है।+1
क्यों खास है यह तकनीक?
पारंपरिक सौर ऊर्जा प्रणालियों में दो अलग-अलग इकाइयों की जरूरत होती है: ऊर्जा बनाने के लिए सोलर पैनल और उसे जमा करने के लिए बैटरी या सुपरकैपेसिटर। इन दोनों को जोड़ने के लिए जटिल इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और वोल्टेज मैनेजमेंट की आवश्यकता पड़ती है, जिससे ऊर्जा का नुकसान होता है और उपकरण का आकार भी बढ़ जाता है।
नया ‘फोटो-कैपेसिटर’ इन दोनों प्रक्रियाओं को एक ही डिवाइस में जोड़ देता है:
- ऊर्जा की बचत: कन्वर्जन और स्टोरेज के दौरान होने वाला ऊर्जा का नुकसान न्यूनतम हो जाता है।
- सरल डिजाइन: अलग से भारी सर्किट और मैनेजमेंट यूनिट की जरूरत नहीं।
- स्व-निर्भर प्रणाली: यह उपकरण खुद धूप से चार्ज होता है और ऊर्जा जमा रखता है।


