PM मोदी ने ऐतिहासिक दांडी सत्याग्रह में भाग लेने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 12 मार्च को महात्मा गांधी और उन सभी बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने ऐतिहासिक दांडी सत्याग्रह में भाग लिया था।

नमक मार्च, जिसे नमक सत्याग्रह या दांडी मार्च के रूप में भी जाना जाता है, महात्मा गांधी के नेतृत्व में औपनिवेशिक भारत में सविनय अवज्ञा (civil disobedience) का एक अहिंसक कार्य था। 12 मार्च, 1930 को, महात्मा गांधी ने नमक पर ब्रिटिश सरकार द्वारा लगाए गए भारी कर के विरोध में साबरमती आश्रम (अहमदाबाद) से गुजरात के तटीय गांव दांडी तक ऐतिहासिक नमक मार्च शुरू किया था। यह 24 दिवसीय अहिंसक मार्च था, जिसने बाद में बड़े पैमाने पर सविनय अवज्ञा आंदोलन (Civil Disobedience Movement) का मार्ग प्रशस्त किया।


दांडी मार्च: मुख्य तथ्य

विवरणजानकारी
प्रारंभ तिथि12 मार्च 1930
समाप्ति तिथि6 अप्रैल 1930 (दांडी में नमक कानून तोड़ा गया)
कुल दूरीलगभग 240 मील (385 किमी)
प्रारंभिक अनुयायीगांधीजी के साथ 78 विश्वसनीय स्वयंसेवक
महत्वसविनय अवज्ञा आंदोलन की औपचारिक शुरुआत
error: Content is protected !!