कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के ऋण लक्ष्य को बढ़ाकर ₹2 लाख करोड़ करने की घोषणा
‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित होने के बाद अपने पहले निर्णयों में, प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि मूल्य श्रृंखला (Agriculture Value Chain) को मजबूत करने के लिए कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के ऋण लक्ष्य को ₹1 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹2 लाख करोड़ करने की घोषणा की है।
कृषि अवसंरचना कोष (AIF) क्या है?
यह फसल कटाई के बाद प्रबंधन (Post-harvest management) और खेती की व्यावहारिक संपत्तियों के लिए ब्याज छूट और क्रेडिट गारंटी सहायता के माध्यम से एक मध्यम-दीर्घकालिक ऋण वित्तपोषण सुविधा है।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- उद्देश्य: भंडारण (Warehouses), कोल्ड स्टोरेज, छंटाई और ग्रेडिंग इकाइयों और राइपनिंग चैंबर्स जैसी सुविधाओं का निर्माण करना। इससे फसल के नुकसान में कमी आती है और बिचौलियों पर निर्भरता कम होती है।
- अवधि: यह योजना 2020-21 से 2032-33 (13 वर्ष) तक के लिए है, लेकिन ऋण वितरण वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक पूरा किया जाएगा।
- ब्याज छूट: ₹2 करोड़ तक के ऋण पर प्रति वर्ष 3% की ब्याज छूट दी जाती है, जो अधिकतम 7 वर्षों के लिए उपलब्ध है।
- क्रेडिट गारंटी: ₹2 करोड़ तक के ऋण के लिए CGTMSE योजना के तहत क्रेडिट गारंटी कवरेज मिलता है, जिसका शुल्क सरकार वहन करती है।
2024 में किए गए महत्वपूर्ण विस्तार:
28 अगस्त, 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना के दायरे को और व्यापक बनाने की मंजूरी दी:
- सामुदायिक खेती: अब सामुदायिक कृषि अवसंरचना से संबंधित व्यावहारिक परियोजनाएं भी AIF के तहत पात्र होंगी।
- प्रसंस्करण इकाइयाँ: प्राथमिक और माध्यमिक प्रसंस्करण (Processing) परियोजनाओं को एक इकाई के रूप में एकीकृत करने पर सहायता मिलेगी (हालांकि स्टैंडअलोन माध्यमिक प्रसंस्करण अभी भी पात्र नहीं है)।
- पीएम-कुसुम (PM-KUSUM): FPO, सहकारी समितियों और पंचायतों जैसी संस्थाओं द्वारा पीएम-कुसुम के ‘कंपोनेंट-A’ के तहत सौर परियोजनाओं के लिए भी AIF सहायता का विस्तार किया गया है।
लाभार्थी कौन हैं?
यह योजना कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के सभी हितधारकों के लिए है:
- व्यक्तिगत किसान और किसान उत्पादक संगठन (FPO)
- कृषि-उद्यमी (Agri-entrepreneurs)
- सहकारी समितियां और पंचायतें
- उपभोक्ता (बेहतर गुणवत्ता और स्थिर कीमतों के माध्यम से)


