प्लासर क्विक रिलेइंग सिस्टम (PQRS)

भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार किया है। एनएफआर के अलीपुरद्वार डिवीजन ने मशीनीकृत ट्रैक रिन्यूअल में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए ‘प्लासर के क्विक रिलेइंग सिस्टम’ (Plasser’s Quick Relaying System: PQRS) के माध्यम से एक ही दिन में 1,033 ट्रैक मीटर का आउटपुट दर्ज किया है। 23 दिसंबर को हासिल की गई यह सफलता अब तक का सबसे बड़ा सिंगल-डे आउटपुट है।

तकनीकी श्रेष्ठता और बेहतर तालमेल

यह उपलब्धि केवल मशीनी शक्ति का परिणाम नहीं है, बल्कि इंजीनियरिंग और ऑपरेटिंग विभागों के बीच सटीक समन्वय का प्रमाण है। अधिकारियों के अनुसार, हाई-आउटपुट मशीनीकृत ट्रैक बिछाने की टेक्नोलॉजी और ‘ट्रैफिक ब्लॉक’ के अनुकूलतम उपयोग (Optimized Traffic Block) ने इस कठिन लक्ष्य को संभव बनाया है।

क्या है PQRS और इसके फायदे?

PQRS यानी प्लासर का क्विक रिलेइंग सिस्टम, ट्रैक बिछाने की एक आधुनिक प्रणाली है जिसमें सेल्फ-प्रोपेल्ड क्रेन शामिल होती हैं। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • किफायती: कॉम्पैक्ट साइज होने के कारण इसकी मेंटेनेंस लागत काफी कम है।
  • समय की बचत: यह सिस्टम बहुत कम समय में रेल पैनलों को बदलने में सक्षम है, जिससे छोटे ट्रैफिक ब्लॉक में भी अधिक काम पूरा किया जा सकता है।
  • संसाधनों का प्रबंधन: यह पुराने रेल पैनलों को सीधे कार्यस्थल से बेस तक वापस लाने में मदद करता है, जिससे अलग से माल ढुलाई (Freight) की जरूरत नहीं पड़ती।

NFR का प्रदर्शन और विस्तार

मौजूदा ट्रैक रिन्यूअल प्रोग्राम के तहत, नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने अब तक अपने अधिकार क्षेत्र में कुल 290.8 किमी ट्रैक का नवीनीकरण पूरा कर लिया है। यह न केवल रेल संपत्तियों की विश्वसनीयता बढ़ाता है बल्कि भविष्य में ट्रेनों की गति और सुरक्षा को भी सुनिश्चित करता है।

एक नजर में नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR):

  • मुख्यालय: मालीगांव, गुवाहाटी।
  • कार्यक्षेत्र: समस्त पूर्वोत्तर राज्य, पश्चिम बंगाल के 7 जिले और उत्तरी बिहार के 5 जिले।
  • प्राथमिकता: बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण और एसेट मेंटेनेंस दक्षता।
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