ऑपरेशन संकल्प: खाड़ी में सुरक्षा का कवच

फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में उपजे तनाव के बीच, भारत सरकार वहां फंसे अपने व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को तैनात करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। शिपिंग उद्योग के सूत्रों के अनुसार, खाड़ी में फंसे कुल तेल टैंकरों और गैस वाहकों में से लगभग 10% भारतीय ध्वज वाले जहाज हैं।

लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस (Lloyds List Intelligence) के आंकड़ों के मुताबिक, फंसे हुए जहाजों में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ‘शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया’ (SCI) के प्रमुख जहाज भी शामिल हैं। इन जहाजों की कुल माल वहन क्षमता 8 लाख टन से अधिक है, जो लगभग 60 लाख बैरल तेल के बराबर है। इतनी बड़ी मात्रा में कार्गो का फंसना वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

भारतीय नौसेना पहले भी समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने में अग्रणी रही है। नौसेना ने हुती विद्रोहियों के हमलों और सोमालियाई समुद्री लुटेरों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाकर भारतीय नाविकों और व्यापारिक जहाजों की रक्षा की है।

खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत द्वारा ‘ऑपरेशन संकल्प’ शुरू किया गया था। इस अभियान के तहत भारतीय नौसेना ने हुती विद्रोहियों की गतिविधियों पर लगाम लगाने और समुद्री व्यापार मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी कार्रवाई की है। वर्तमान संकट को देखते हुए, इसी तरह के ‘एस्कॉर्ट’ (सुरक्षा घेरे में चलने वाले) ऑपरेशनों को और विस्तार दिया जा सकता है।

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