कमला जलविद्युत परियोजना
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के विशेषज्ञ पैनल ने अरुणाचल प्रदेश में NHPC की 1,720 मेगावाट (MW) की कमला जलविद्युत परियोजना के निर्माण के लिए मंजूरी की सिफारिश की है। इस परियोजना के लिए लगभग 23.4 लाख पेड़ों की कटाई की जाएगी।
परियोजना की रूपरेखा
- लागत: ₹23,764.01 करोड़।
- संरचना: इसमें 216 मीटर ऊंचा बांध और 2,600 हेक्टेयर का जलाशय होगा।
- स्थान: यह परियोजना कमला नदी के पानी का उपयोग करेगी, जो सुबनसिरी नदी की एक दाहिने किनारे की सहायक नदी है।
- महत्व: यह सुबनसिरी नदी बेसिन में नियोजित जलविद्युत परियोजनाओं की एक श्रृंखला (Cascade) का हिस्सा है। इसके डाउनस्ट्रीम (नीचे की ओर) असम-अरुणाचल सीमा पर 2,000 मेगावाट की ‘लोअर सुबनसिरी परियोजना’ स्थित है।
पर्यावरणीय और वैधानिक शर्तें
विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (EAC) ने पेड़ों की कटाई पर चिंता व्यक्त की है और निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
- पारिस्थितिकी बहाली: पैनल ने पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली (Ecosystem Restoration) के लिए एक सटीक और सुव्यवस्थित कार्य योजना की आवश्यकता पर बल दिया है।
- प्रतिपूरक वनीकरण (Compensatory Afforestation): अरुणाचल प्रदेश के वन विभाग के अनुसार, राज्य में कोई भी ‘डिग्रेडेड’ (क्षतिग्रस्त) वन भूमि उपलब्ध नहीं थी। इसलिए, इस परियोजना के बदले वनीकरण मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में किया जाएगा।
- वन मंजूरी (Forest Clearance): अंतिम पर्यावरणीय मंजूरी मिलने से पहले NHPC को ‘सैद्धांतिक वन मंजूरी’ (In-principle forest clearance) प्राप्त करनी होगी।


