पहली ‘राष्ट्रीय राजमार्ग हरित आवरण सूचकांक’ (NH-GCI) 2025–26 वार्षिक रिपोर्ट
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे वृक्षारोपण का मात्रात्मक मूल्यांकन (quantitative assessment) प्रदान करने के उद्देश्य से अपनी तरह की पहली ‘राष्ट्रीय राजमार्ग हरित आवरण सूचकांक’ (NH-GCI) 2025–26 वार्षिक रिपोर्ट जारी की है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:
- सहयोग: यह रिपोर्ट भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC) के समन्वय से तैयार की गई है।
- उद्देश्य: उन्नत अंतरिक्ष-आधारित प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के राइट ऑफ वे (RoW) के भीतर हरित आवरण का वैज्ञानिक और मात्रात्मक मूल्यांकन करना।
- कार्यप्रणाली: यह मूल्यांकन उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले उपग्रह सेंसरों के माध्यम से पता लगाए गए क्लोरोफिल (chlorophyll) की मात्रा पर आधारित है। यह राजमार्गों के बाईं और दाईं ओर वनस्पतियों की उपस्थिति का एक वस्तुनिष्ठ और तकनीक-संचालित माप प्रदान करता है।
- GCI का मापन: NH-GCI को एक प्रतिशत मान के रूप में रिपोर्ट किया जाता है, जो एक किलोमीटर की सूक्ष्मता (granularity) पर राष्ट्रीय राजमार्गों के RoW के भीतर हरित आवरण के अनुपात को दर्शाता है।
- कवरेज: पहले मूल्यांकन चक्र (जुलाई-दिसंबर 2024) में 24 राज्यों में फैले लगभग 30,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों को कवर किया गया है।
- MoU: यह पहल जनवरी 2024 में NHAI और NRSC (ISRO) के बीच हस्ताक्षरित तीन वर्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत शुरू की गई है।


