वैज्ञानिकों ने ‘क्वासी-2D α-टेल्यूरियम (Te) नैनोशीट्स’ विकसित की

 मोहाली स्थित नैनो विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (INST) के वैज्ञानिकों की एक टीम ने क्वासी-2D α-टेल्यूरियम (Te) नैनोशीट्स नामक एक नया नैनो-मटेरियल विकसित किया है। यह सामग्री एक उभरती हुई फेरोमैग्नेटिक (लौह-चुंबकीय) अवस्था में है, जो भविष्य के हाइड्रोजन-उत्पादक इलेक्ट्रोलाइजर्स को अधिक ऊर्जा-कुशल बना सकती है।

इस शोध के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • नवाचार: ये नैनोशीट्स एक ही सामग्री में चुंबकत्व (magnetism) और उत्प्रेरण (catalysis) को नियंत्रित करने का एक अनूठा दृष्टिकोण प्रदान करती हैं।
  • ऊर्जा दक्षता: यह तकनीक भविष्य के स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को प्रभावित करते हुए, संधारणीय हाइड्रोजन उत्पादन के लिए स्वदेशी समाधान की सुविधा प्रदान करती है।
  • प्रकाशन: यह शोध प्रतिष्ठित पत्रिका ‘एडवांस्ड मैटेरियल्स’ (Advanced Materials) में प्रकाशित हुआ है। 

अनुप्रयोग और भविष्य की संभावनाएं

क्वासी-2D α-Te नैनोशीट्स की स्थिरता और लचीलापन (stability and flexibility) उन्हें विभिन्न क्षेत्रों के लिए उपयुक्त बनाते हैं:

  1. स्वच्छ ऊर्जा: हाइड्रोजन उत्पादन के लिए अधिक कुशल इलेक्ट्रोलाइजर्स का निर्माण।
  2. वियरेबल टेक्नोलॉजी: पोर्टेबल और पहनने योग्य ऊर्जा उपकरणों के विकास में सहायक।

सेंसिंग तकनीक: वास्तविक समय में स्वास्थ्य की निगरानी (health monitoring) और पर्यावरण की निगरानी के लिए उन्नत सेंसर।

Source: PIB

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