अभ्यास कोल्ड रिस्पांस 26

नाटो (NATO) ने अपना द्विवार्षिक आर्कटिक सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है, जिसमें सैन्य अभियानों में नागरिक सहायता (civilian support) की भूमिका पर विशेष जोर दिया जा रहा है। 

  • अभ्यास का नाम: एक्सरसाइज कोल्ड रिस्पांस 26 (Exercise Cold Response 26)।
  • अवधि: यह अभ्यास 9 मार्च से 19 मार्च 2026 तक संचालित किया जाएगा।
  • नेतृत्व: इस सैन्य अभ्यास का नेतृत्व नार्वे द्वारा किया जा रहा है।
  • प्रतिभागी: इसमें अमेरिका और डेनमार्क सहित 14 देशों के लगभग 25,000 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं।
  • अमेरिकी भागीदारी: अमेरिका इस अभ्यास के लिए लगभग 4,000 सैनिकों को तैनात कर रहा है। 

आर्कटिक सेंट्री (Arctic Sentry) मिशन

यह अभ्यास अब ‘आर्कटिक सेंट्री’ का हिस्सा बन गया है। यह नाटो का एक व्यापक मिशन है जिसे ध्रुवीय क्षेत्र (polar region) में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए शुरू किया गया है।

विशेष संदर्भ: इस मिशन की शुरुआत ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ जारी तनाव को कम करने और क्षेत्र में रूसी व चीनी प्रभाव को रोकने के उद्देश्य से की गई है।

नागरिकों की भूमिका और ‘टोटल डिफेंस’इस वर्ष के अभ्यास की एक मुख्य विशेषता नागरिकों, निजी कंपनियों और सार्वजनिक संस्थानों की भागीदारी है। नार्वे ने 2026 को ‘टोटल डिफेंस ईयर’ (Total Defence Year) घोषित किया है, जिसका उद्देश्य युद्ध या संकट की स्थिति में सैन्य अभियानों के साथ नागरिक बुनियादी ढांचे के समन्वय को मजबूत करना है।

Source: Daily Finland

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