NHAI ने गुणवत्ता जांच के लिए नेशनल टेस्ट हाउस (NTH) से समझौता किया

भारत में नेशनल हाईवे और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Infrastructure Projects) की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) और नेशनल टेस्ट हाउस (NTH) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य हाईवे निर्माण में ‘क्वालिटी कंट्रोल’ और ‘थर्ड-पार्टी टेस्टिंग’ को और अधिक सख्त बनाना है।

NTH बनेगा NHAI की मान्यता प्राप्त लेबोरेटरी

इस समझौते के तहत, नेशनल टेस्ट हाउस (NTH) को अब NHAI के आधिकारिक पैनल में एक मान्यता प्राप्त लेबोरेटरी के तौर पर शामिल किया गया है।

  • सैंपल टेस्टिंग: NHAI अब देश भर में चल रहे हाईवे निर्माण और उससे जुड़े कार्यों के सैंपल, जांच के लिए NTH की विभिन्न लेबोरेटरीज में भेज सकेगा।
  • इंस्पेक्शन: निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और मानकों की कड़ाई से जांच सुनिश्चित करने के लिए NTH स्वतंत्र रूप से निरीक्षण कार्य भी करेगा।

113 साल पुराना वैज्ञानिक संगठन है NTH

नेशनल टेस्ट हाउस (NTH) भारत का एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थान है:

  • स्थापना: इसकी स्थापना 1912 में हुई थी।
  • प्रशासन: यह उपभोक्ता मामले विभाग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत काम करता है।
  • विशेषज्ञता: यह पूरे भारत में फैला एक प्रमुख वैज्ञानिक टेस्टिंग और क्वालिटी एश्योरेंस संगठन है, जो विभिन्न उद्योगों के लिए मानकों की जांच करता है।

सहयोग के संभावित लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि NHAI और NTH के एक साथ आने से देश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े बदलाव आएंगे:

  1. पारदर्शिता: थर्ड-पार्टी टेस्टिंग से निर्माण प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ेगी।
  2. मानकीकरण: पूरे देश में हाईवे निर्माण के लिए एक समान और उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित होगा।
  3. दक्षता: अत्याधुनिक लैब सुविधाओं के उपयोग से जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी, जिससे प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हो सकेंगे।
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