राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की पहली बैठक संपन्न
नई दिल्ली: राष्ट्रीय मखाना बोर्ड (National Makhana Board) की पहली बैठक 12 दिसंबर को नई दिल्ली के कृषि भवन में आयोजित की गई। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण विभाग के सचिव, डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक बोर्ड के गठन और मखाना के विकास के लिए केंद्रीय क्षेत्र की स्कीम को लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पहली बैठक के प्रमुख कार्य और घोषणाएँ:
- स्कीम और बोर्ड का क्रियान्वयन: बैठक में बोर्ड के संचालन और केंद्रीय क्षेत्र की स्कीम को लागू करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू की गई।
- वार्षिक कार्य योजना की समीक्षा: बोर्ड ने राज्यों और अनुसंधान संस्थानों द्वारा प्रस्तुत वार्षिक कार्य योजना की समीक्षा की।
- बजट आवंटन: मखाना क्षेत्र के समग्र विकास के उद्देश्य से अलग-अलग हिस्सों (घटकों) के लिए बजट आवंटित किए गए।
- बोर्ड का गठन: केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट 2025-26 की घोषणा को पूरा करते हुए राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का गठन किया है। प्रधानमंत्री ने आधिकारिक रूप से 15 सितंबर 2025 को बिहार में इस बोर्ड को आरंभ किया था।
केंद्रीय क्षेत्र की स्कीम: ₹476.03 करोड़ का आवंटन
यह पहल भारत के मखाना क्षेत्र को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार ने इस पहल का समर्थन करने के लिए 2025-26 से 2030-31 की अवधि के लिए ₹476.03 करोड़ के खर्च के साथ मखाना के विकास के लिए केंद्रीय क्षेत्र की स्कीम को स्वीकृति दी है।
स्कीम का फोकस:
यह स्कीम निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है:
- अनुसंधान और नवाचार
- गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन
- किसानों की क्षमता बढ़ाना
- बेहतर कटाई और कटाई के बाद के तरीके
- मूल्य संवर्धन (Value Addition)
- ब्रांडिंग और मार्केटिंग
- निर्यात प्रोत्साहन
- गुणवत्ता नियंत्रण
राष्ट्रीय मखाना बोर्ड और इस केंद्रीय स्कीम का लक्ष्य मखाना किसानों की आय बढ़ाना और वैश्विक स्तर पर भारतीय मखाना की पहचान स्थापित करना है।


