नेशनल IED डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) का औपचारिक उद्घाटन
भारत की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक अभेद्य बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के नेशनल IED डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) का औपचारिक उद्घाटन किया। यह प्रणाली आने वाले समय में देश में आतंकवादी घटनाओं की जांच और विश्लेषण के लिए एक “गेम-चेंजर” साबित होगी।
NIDMS: अगली पीढ़ी का ‘सुरक्षा कवच’
NIDMS एक अत्याधुनिक, दो-तरफा व्यापक और एकीकृत ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह केवल एक डेटाबेस नहीं है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत का अगला तकनीकी हथियार है।
इस प्लेटफॉर्म के प्रमुख हितधारक:
- NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी)
- ATS (एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड – सभी राज्य)
- राज्य पुलिस बल
- CAPFs (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल)
सटीक विश्लेषण और भविष्य की रणनीति
NIDMS की सबसे बड़ी शक्ति इसका ऐतिहासिक डेटाबेस है। NSG के पास 1999 से अब तक हुए सभी बम विस्फोटों और IED घटनाओं का विस्तृत विवरण मौजूद है, जिसे अब इस सिस्टम में समाहित किया गया है।
सिस्टम की मुख्य विशेषताएं:
- पैटर्न की पहचान: यह सिस्टम विस्फोटों के पुराने पैटर्न और काम करने के तरीके (Modus Operandi – MO) का विश्लेषण करेगा।
- सर्किट और सिग्नेचर: बम में इस्तेमाल किए गए सर्किट और विस्फोटकों के आधार पर यह विभिन्न घटनाओं के बीच कड़ी जोड़ने में मदद करेगा।
- रियल-टाइम गाइडेंस: किसी भी नई घटना के समय, जांच एजेंसियां सिस्टम से तत्काल मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगी।
- रुझान विश्लेषण: यह देश में पनप रहे नए सुरक्षा खतरों और तकनीकी रुझानों को समझने में मदद करेगा।
NSG का विस्तार: अब अयोध्या में भी होगा ‘ब्लैक कैट’ का पहरा
गृह मंत्री ने NSG (स्थापना- 1984) के बढ़ते दायरे पर भी बात की। सुरक्षा प्रतिक्रिया समय (Response Time) को कम करने के लिए NSG के क्षेत्रीय केंद्रों का जाल पूरे देश में फैलाया जा रहा है।
| मौजूदा क्षेत्रीय हब | आगामी/नया हब |
| मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद | अयोध्या |
अयोध्या में नया हब स्थापित होने से उत्तर भारत के संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति में NSG की पहुंच पहले से कहीं अधिक तेज हो जाएगी।


