अनुमोदित मॉडल और विनिर्माताओं की सूची (ALMM) फ्रेमवर्क
केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने और आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से अनुमोदित मॉडल और विनिर्माताओं की सूची (Approved List of Models and Manufacturers: ALMM) ढांचे के दायरे का विस्तार किया है। अब इसमें सौर इनगट्स और वेफर्स को भी शामिल किया गया है।
मुख्य प्रावधान:
- ALMM सूची-III: इनगट्स और वेफर्स के लिए ‘ALMM सूची-III’ शुरू करने का नया प्रावधान 1 जून, 2028 से प्रभावी होगा।
- अनिवार्य सोर्सिंग: सौर मॉड्यूल और सेल के लिए पहले से लागू अनिवार्य सोर्सिंग आवश्यकताओं को अब ‘अपस्ट्रीम’ (Upstream) क्षेत्रों यानी इनगट्स और वेफर्स तक बढ़ा दिया गया है। वर्तमान में यह क्षेत्र आयात पर अत्यधिक निर्भर है।
संशोधित ALMM आदेश के तहत:
- सभी सौर परियोजनाएं: नेट मीटरिंग और ओपन एक्सेस सहित सभी परियोजनाओं को 1 जून, 2028 से ALMM-सूचीबद्ध वेफर्स का उपयोग करना अनिवार्य होगा।
- कट-ऑफ तिथि: विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 63 के तहत जमा की गई बोलियों (bids) पर एक कट-ऑफ तिथि लागू होगी, जिसमें अनुपालन करने वाले वेफर्स के उपयोग को अनिवार्य बनाया जाएगा।
- क्षमता शर्त: प्रारंभिक ALMM सूची-III तभी जारी की जाएगी जब कम से कम तीन स्वतंत्र निर्माता कुल 15 गीगावाट (GW) की संयुक्त क्षमता के साथ परिचालन शुरू कर देंगे।
महत्व और संदर्भ
वेफर्स सौर विनिर्माण में एक महत्वपूर्ण मध्यवर्ती चरण (intermediate stage) हैं, जो पॉलीसिलिकॉन को सौर सेल से जोड़ते हैं। वर्तमान में भारत के पास सीमित घरेलू वेफर क्षमता है, जिससे यह क्षेत्र वैश्विक आपूर्ति बाधाओं के प्रति संवेदनशील बना हुआ है।
यह विस्तार भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और 2030 तक 500 गीगावाट (GW) गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता प्राप्त करने के लक्ष्य के अनुरूप है।
Source: PIB


