रेयर अर्थ कॉरिडोर
मोनाज़ाइट (Monazite) और तटीय खनिज
- संसाधन: AMD ने आंध्र प्रदेश जैसे तटीय क्षेत्रों और ‘तेरी’ (लाल रेत) टीलों में भारी मात्रा में तटीय रेत खनिजों की पहचान की है।
- विशेषता: भारत में मोनाज़ाइट दुर्लभ मृदा तत्वों (Rare Earth elements) का मुख्य स्रोत है। यह छह अन्य भारी खनिजों के साथ पाया जाता है।
- चुनौतियां: रेडियोधर्मी गुण होने के कारण मोनाज़ाइट का निष्कर्षण लंबा, जटिल और खर्चीला है। इसका खनन AMD द्वारा अनुमोदित योजना और वैधानिक निकायों द्वारा निर्धारित सीमाओं के तहत ही किया जाता है।
दुर्लभ मृदा गलियारे (Rare Earth Corridors): बजट 2026
सरकार ने खनिज संपन्न राज्यों—ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु—को सहायता देने की घोषणा की है ताकि वे समर्पित ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ स्थापित कर सकें।
मुख्य उद्देश्य:
- उत्पादन और अनुसंधान: खनन, प्रसंस्करण और विनिर्माण को बढ़ावा देना।
- महत्वपूर्ण ऑक्साइड: NdPr (नियोडिमियम-प्रासियोडिमियम) और सैमेरियम ऑक्साइड के उत्पादन को बढ़ाना।
- चुंबक निर्माण: दुर्लभ मृदा (RE) मैग्नेट के उत्पादन के लिए घरेलू मांग और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना।
- मूल्य संवर्धन: टाइटेनियम और जिरकोनियम जैसे खनिजों की मूल्य श्रृंखला (Value Chain) में उद्योगों की स्थापना करना।
Source: PIB


