MeitY ने ब्लॉकचेन इंडिया चैलेंज शुरू किया

23 फरवरी, 2026 (सोमवार) को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा नई दिल्ली में ‘ब्लॉकचेन इंडिया चैलेंज’ (Blockchain India Challenge) लॉन्च किया गया।

यहाँ इस राष्ट्रीय पहल का मुख्य विवरण दिया गया है:

ब्लॉकचेन इंडिया चैलेंज: मुख्य बिंदु

  • कार्यान्वयन: यह चुनौती C-DAC (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग) द्वारा MeitY के सहयोग से कार्यान्वित की जा रही है।
  • उद्देश्य: इसका लक्ष्य भारतीय स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक ब्लॉकचेन-आधारित डिजिटल गवर्नेंस समाधान पेश करने और उनका पायलट परीक्षण (Pilot) करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
  • तकनीकी फोकस: इस चुनौती का मुख्य लक्ष्य परमिशनयुक्त ब्लॉकचेन (Permissioned Blockchain) आधारित समाधान विकसित करना है, जो सरकारी कार्यों के लिए नियामक नियंत्रण और सुरक्षा (विश्वास, ऑडिट क्षमता और छेड़छाड़-मुक्त रिकॉर्ड) को प्राथमिकता देते हैं।

प्रमुख क्षेत्र और महत्व

यह चुनौती शासन (Governance) और सेवा वितरण की चुनौतियों के समाधान के लिए निम्नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित है:

  • प्रमुख डोमेन: ई-प्रोक्योरमेंट, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन (Supply Chain), सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, बिजली, और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आदि।
  • ब्लॉकचेन की भूमिका: सरकारी सेवाओं में ब्लॉकचेन सत्यापन (Verifiability) और ‘सिंगल सोर्स ऑफ ट्रुथ’ (विभिन्न स्रोतों के बीच सूचना की सटीकता) सुनिश्चित करता है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता बढ़ती है।

प्रमुख लाभ

विशेषताप्रभाव
पारदर्शितासभी लेन-देन और रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से ऑडिट योग्य होते हैं।
सुरक्षाडेटा में छेड़छाड़ करना लगभग असंभव (Tamper-proof) हो जाता है।
दक्षतामध्यस्थों की आवश्यकता कम होती है और प्रक्रियाएं तेज़ होती हैं।

क्या आप जानते हैं? ‘परमिशनयुक्त ब्लॉकचेन’ सार्वजनिक ब्लॉकचेन (जैसे बिटकॉइन) से भिन्न है, क्योंकि इसमें केवल अधिकृत (Authorized) संस्थाएं ही नेटवर्क में शामिल हो सकती हैं, जो इसे सरकारी गोपनीयता के लिए अधिक उपयुक्त बनाता है।

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