ओडिशा में 11 दिवसीय ‘धनु यात्रा’ का भव्य आगाज़

ओडिशा के बरगढ़ शहर में दुनिया के सबसे बड़े ओपन-एयर थिएटर (मुक्ताकाश रंगमंच) के रूप में प्रसिद्ध ‘धनु यात्रा’ का उद्घाटन 24 दिसंबर 2025 को हुआ। यह 11 दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव पौराणिक कथाओं, परंपरा और कला का एक अनूठा संगम है, जो पूरे क्षेत्र को भक्ति और उत्साह के रंग में सराबोर कर देता है।

बरगढ़ बना पौराणिक ‘मथुरा’

इस उत्सव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन 11 दिनों के लिए पूरा बरगढ़ शहर पौराणिक नगरी मथुरा में बदल जाता है। अंबापाली क्षेत्र को ‘गोकुल’ माना जाता है और जीरा नदी को ‘यमुना’ नदी के रूप में दर्शाया जाता है। यह कार्यक्रम भगवान कृष्ण के जीवन की गाथा को जीवंत करता है, जिसमें उनके जन्म से लेकर उनके अत्याचारी मामा, राजा कंस के वध तक की घटनाओं का मंचन किया जाता है।

कला और वास्तविकता का मिलन

पारंपरिक थिएटर के विपरीत, धनु यात्रा में अभिनेताओं और दर्शकों के बीच की सीमाएँ समाप्त हो जाती हैं। पूरा शहर एक गतिशील रंगमंच (Stage) बन जाता है। इस दौरान राजा कंस की भूमिका निभाने वाला अभिनेता शहर में घूमता है और प्रतीकात्मक रूप से शासन करता है। यहाँ तक कि वह सरकारी अधिकारियों और आम जनता को उनके “दरबार” में बुलाकर उनसे सवाल-जवाब भी करता है।

राष्ट्रीय उत्सव का गौरव

भारत सरकार ने धनु यात्रा के सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए इसे ‘राष्ट्रीय उत्सव’ (National Festival) का दर्जा दिया है। इस उत्सव को देखने के लिए न केवल ओडिशा से, बल्कि पूरे देश और विदेश से हजारों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु बरगढ़ पहुँच रहे हैं।

प्रमुख बिंदु:

  • प्रारंभ तिथि: 24 दिसंबर 2025।
  • अवधि: 11 दिन।
  • मुख्य आकर्षण: राजा कंस का दरबार और कृष्ण-लीला का जीवंत मंचन।
  • विश्व रिकॉर्ड: इसे दुनिया का सबसे बड़ा मुक्ताकाश रंगमंच माना जाता है क्योंकि इसमें लगभग 8-10 किलोमीटर का दायरा ‘मंच’ के रूप में उपयोग होता है।
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