कोल्हापुर जिला परिषद (ZP) ने अपने सभी 833 स्कूलों में ‘पिंक रूम’ स्थापित किए

महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिला परिषद (ZP) ने अपने सभी 833 स्कूलों में ‘पिंक रूम’ स्थापित किए हैं। यह पहल छात्राओं को मासिक धर्म स्वास्थ्य (Menstrual Health) के बारे में खुलकर बात करने और अपनी शारीरिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं को प्रबंधित करने के लिए एक सुरक्षित स्थान प्रदान करती है।

समयरेखा और कार्यान्वयन:

  • शुरुआत: 5 नवंबर, 2025।
  • पूर्णता: 30 दिसंबर, 2025 तक सभी 833 स्कूलों में कमरे तैयार।
  • फंडिंग (वित्तीय सहायता): इस पहल के लिए धन जनभागीदारी, ग्राम पंचायतों, पूर्व छात्र संघों, परोपकारी व्यक्तियों/संस्थाओं और 15वें वित्त आयोग के आवंटन के माध्यम से जुटाया गया।

पहल के पीछे का कारण:

स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के कुछ अभिभावकों ने शिकायत की थी कि शिक्षक मामूली स्वास्थ्य समस्याओं पर भी छात्राओं को घर भेज देते थे। इन समस्याओं का समाधान स्कूल स्तर पर ही करने के लिए ‘पिंक रूम’ की अवधारणा सुझाई गई।

किशोरी संवाद अभियान:

सितंबर 2025 में इस पहल के हिस्से के रूप में ‘किशोरी संवाद अभियान’ लागू किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य उन स्कूलों की छात्राओं को सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करना था जहाँ कोई भी महिला शिक्षिका कार्यरत नहीं है।


पिंक रूम की मुख्य विशेषताएं (Quick Summary)

विशेषताविवरण
उद्देश्यमासिक धर्म स्वच्छता और स्वास्थ्य प्रबंधन
कवरेजकोल्हापुर के सभी 833 जिला परिषद स्कूल
समाधानमामूली स्वास्थ्य समस्याओं के लिए घर भेजने के बजाय स्कूल में ही देखभाल
संवाद‘किशोरी संवाद अभियान’ के माध्यम से जागरूकता
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