केंद्रीय बजट 2026-27 की मुख्य विशेषताएं

वित्त मंत्री द्वारा 1 फरवरी 2026 को प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 की मुख्य विशेषताएं यहाँ दी गई हैं:

1. राजकोषीय और बजट अनुमान

  • कुल व्यय: ₹53.5 लाख करोड़ अनुमानित।
  • कुल प्राप्तियां (गैर-ऋण): ₹36.5 लाख करोड़ अनुमानित।
  • राजकोषीय घाटा: 2026-27 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 4.3% लक्षित (2025-26 के संशोधित अनुमान 4.4% से कम)।
  • पूंजीगत व्यय: बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया।
  • शुद्ध कर प्राप्तियां: ₹28.7 लाख करोड़ अनुमानित।
  • ऋण-जीडीपी अनुपात: 55.6% (2025-26 के संशोधित अनुमान से थोड़ा कम)।

2. विनिर्माण और रणनीतिक क्षेत्र

  • बायोफार्मा शक्ति (Biopharma SHAKTI): भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने के लिए 5 वर्षों में ₹10,000 करोड़ का परिव्यय।
  • सेमीकंडक्टर मिशन (ISM 2.0): फुल-स्टैक भारतीय IP, उपकरण निर्माण और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर ध्यान।
  • रेयर अर्थ कॉरिडोर (Rare Earth Corridors): ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में स्थापित किए जाएंगे।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स: इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना का परिव्यय बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ किया गया।
  • कंटेनर विनिर्माण: एक प्रतिस्पर्धी घरेलू ईकोसिस्टम बनाने के लिए ₹10,000 करोड़ से अधिक आवंटित।

3. बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी

  • हाई-स्पीड रेल: सात नए कॉरिडोर की योजना: मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी।
  • जलमार्ग: अगले 5 वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग चालू किए जाएंगे।
  • माल ढुलाई गलियारे (Freight Corridors): पूर्व में दानकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले नए समर्पित कॉरिडोर।
  • सीप्लेन: दूरस्थ कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ‘सीप्लेन वीजीएफ’ (Viability Gap Funding) योजना की शुरुआत।

4. शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य

  • शिक्षा से रोजगार: सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन।
  • संबद्ध स्वास्थ्य (Allied Health): अगले 5 वर्षों में 1,00,000 संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों को जोड़ा जाएगा; चिकित्सा पर्यटन के लिए 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब।
  • ऑरेंज इकोनॉमी: 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स) लैब स्थापित की जाएंगी।
  • मानसिक स्वास्थ्य: उत्तर भारत में ‘निमहंस-2’ (NIMHANS-2) की स्थापना।

5. कृषि और किसान कल्याण

  • भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR): किसानों के लिए कृषि संसाधनों और पोर्टलों को एकीकृत करने हेतु एक बहुभाषी AI टूल।
  • उच्च मूल्य वाली फसलें: तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू पर ध्यान।
  • जलाशय: 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास।

6. प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर प्रस्ताव

  • नया आयकर अधिनियम: एक नया सरलीकृत अधिनियम अप्रैल 2026 से लागू होगा।
  • TCS युक्तिकरण:
    • विदेशी टूर पैकेज पर TCS घटाकर 2% किया गया (वर्तमान 5-20% से)।
    • शिक्षा और चिकित्सा प्रेषण (remittances) के लिए घटाकर 2% किया गया।
  • अनुपालन में आसानी:
    • टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए चरणबद्ध समयसीमा।
    • छोटे करदाताओं के लिए 6 महीने की एकमुश्त विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना।
    • प्राकृतिक व्यक्तियों के लिए मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए ब्याज पर आयकर से छूट।
  • प्रतिभूति लेनदेन कर (STT): फ्यूचर्स (0.05% तक) और ऑप्शंस (0.15% तक) पर बढ़ाया गया।
  • सीमा शुल्क: छोटे व्यवसायों/कारीगरों को वैश्विक बाजारों तक पहुंच में मदद करने के लिए कूरियर निर्यात पर ₹10 लाख की मूल्य सीमा को हटाया गया।

7. विशेष क्षेत्रीय फोकस

  • पूर्वोदय: औद्योगिक गलियारों और पर्यटन स्थलों के साथ पूर्वी राज्यों (ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़) पर ध्यान।
  • बौद्ध सर्किट: अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम जैसे उत्तर-पूर्वी राज्यों में लक्षित विकास।
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