‘कवच’ स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP)
कवच (Kavach) के कारण, परिणामी ट्रेन दुर्घटनाओं में भारी गिरावट आई है – 2014-15 में 135 से घटकर 2024-25 में 31, और 2025-26 (नवंबर तक) में यह संख्या और गिरकर 11 रह गई है।
कवच (Kavach) क्या है?
यह स्वदेशी रूप से विकसित एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली है, जो AI-आधारित सुरक्षा और निगरानी प्रौद्योगिकियों द्वारा समर्थित है।
- विकास: इसे अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) द्वारा विकसित किया गया है।
- उद्देश्य: यह मानवीय भूल, सिग्नल उल्लंघन, अत्यधिक गति और टक्करों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए डिज़ाइन की गई एक रीयल-टाइम सुरक्षा प्रणाली है।
- प्रमाणन: इसे सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल 4 (SIL-4) प्रमाणित किया गया है, जो वैश्विक रेलवे सुरक्षा मानकों में सर्वोच्च है।
मुख्य विशेषताएं और कार्यप्रणाली
- इन-कैब डिस्प्ले: यह लोको पायलटों को उनके कैब के अंदर ही ‘मूवमेंट अथॉरिटी’, लक्ष्य गति, दूरी और सिग्नल की स्थिति दिखाता है, जिससे 120 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति पर भी सुरक्षित संचालन संभव होता है।
- स्वचालित ब्रेक: यदि ट्रेन खतरे के सिग्नल की ओर बढ़ती है, अनुमत गति से अधिक होती है, या गलत मार्ग पर प्रवेश करती है, तो कवच स्वचालित रूप से ब्रेक लगा देता है। यह SPAD (Signal Passing at Danger) और टक्करों को प्रभावी ढंग से रोकता है।
- ब्लॉक सेक्शन सुरक्षा: यदि एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनें एक-दूसरे की ओर आती हैं, तो सिस्टम स्वचालित रूप से ‘स्टॉप-ऑन-साइट’ (Stop-on-Sight) कमांड जारी कर सकता है।
कार्यान्वयन और प्रगति (2026 तक की स्थिति)
- विस्तार: अब तक 2,200 से अधिक रूट किलोमीटर पर कवच लागू किया जा चुका है।
- कवच संस्करण 4.0: यह दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे महत्वपूर्ण गलियारों सहित पांच रेलवे क्षेत्रों में 1,306.3 रूट किलोमीटर को कवर करता है।
- रिकॉर्ड उपलब्धि: जनवरी 2026 में, भारतीय रेलवे ने एक ही महीने में 472.3 रूट किलोमीटर पर कवच 4.0 चालू किया, जो अब तक का सबसे बड़ा विस्तार है।
- भविष्य की योजना: अतिरिक्त 2,667 रूट किलोमीटर के लिए काम पहले ही स्वीकृत हो चुका है और निष्पादन जारी है।


