कवच 4.0 को 1,452 किलोमीटर प्रमुख रेल मार्गों पर चालू किया गया
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 11 मार्च 2026 को लोकसभा को सूचित किया कि भारतीय रेलवे ने अपने स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम के नवीनतम संस्करण, कवच 4.0 (Kavach 4.0) को उच्च-घनत्व वाले दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा गलियारों के 1,452 रूट किलोमीटर पर सफलतापूर्वक चालू कर दिया है।
कवच (Kavach) स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है जिसे लोको पायलटों को अनुमत गति सीमा के भीतर ट्रेन बनाए रखने में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यदि ड्राइवर समय पर कार्रवाई करने में विफल रहता है, तो यह प्रणाली स्वचालित रूप से ब्रेक लगा देती है और कोहरे जैसी कम दृश्यता वाली स्थितियों में भी ट्रेनों को सुरक्षित रूप से संचालित करने में मदद करती है।
यात्री ट्रेनों पर प्रारंभिक फील्ड परीक्षण फरवरी 2016 में शुरू हुए थे और जुलाई 2020 में इस प्रणाली को राष्ट्रीय एटीपी प्रणाली के रूप में अपनाया गया था। परिचालन अनुभव के आधार पर सुधार के बाद, कवच संस्करण 4.0 को जुलाई 2024 में अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (RDSO) द्वारा अनुमोदित किया गया था।
प्रमुख कार्यान्वयन और बुनियादी ढांचा
कवच 4.0 को दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्गों के कई खंडों में स्थापित किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- पलवल-मथुरा-नागदा
- वडोदरा-अहमदाबाद और वडोदरा-विरार
- गया-सरमतनार
- छोटा अंबना-बर्धमान-हावड़ा
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस प्रणाली के कार्यान्वयन में कई बुनियादी ढांचा घटक शामिल हैं:
- स्टेशनों पर आधारित उपकरणों की स्थापना।
- पटरियों के किनारे RFID टैग।
- टेलीकॉम टावर और ऑप्टिकल फाइबर केबल।
- इंजनों (Locomotives) पर लगे ‘ऑनबोर्ड कवच’ उपकरण।
सुरक्षा प्रदर्शन में सुधार (2014-2026)
मंत्रालय के अनुसार, कवच सहित अन्य सुरक्षा पहलों के कारण दुर्घटनाओं में भारी कमी आई है:
| विवरण | 2014-15 | 2025-26 (फरवरी तक) | सुधार (%) |
| परिणामी ट्रेन दुर्घटनाएं | 135 | 14 | ~90% की गिरावट |
| दुर्घटना सूचकांक (Accident Index) | 0.11 | 0.03 (2024-25 में) | 73% का सुधार |
Source: AIR


