संयुक्त अभ्यास “सांझा शक्ति” का सफल आयोजन

भारतीय सेना की सदर्न कमांड (Southern Command) के MG & G (महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा) एरिया की देखरेख में, पुणे के खड़की मिलिट्री स्टेशन स्थित डिग्गी रेंज में दो दिवसीय संयुक्त अभ्यास “सांझा शक्ति” का सफल आयोजन किया गया। 08 से 09 जनवरी 2026 तक चले इस अभ्यास ने आपातकालीन स्थितियों में नागरिक और सैन्य बलों के बीच रणनीतिक तालमेल की एक नई मिसाल पेश की है।

अभ्यास का मुख्य उद्देश्य

“सांझा शक्ति” का प्राथमिक लक्ष्य उभरती सुरक्षा चुनौतियों और विभिन्न आपातकालीन स्थितियों (जैसे आतंकी हमले या प्राकृतिक आपदा) के दौरान सिविल और मिलिट्री एजेंसियों के बीच ऑपरेशनल तालमेल और संयुक्त तैयारी को बेहतर बनाना था।

प्रमुख प्रतिभागी और क्षमता प्रदर्शन

इस वृहद् अभ्यास में भारतीय सेना के साथ-साथ 16 प्रमुख नागरिक एजेंसियों ने हिस्सा लिया:

  • सुरक्षा बल: महाराष्ट्र पुलिस और विशिष्ट आतंकवाद विरोधी दस्ता ‘फोर्स वन’ (Force One)
  • आपातकालीन सेवाएँ: फायर फाइटिंग विभाग और अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियां।
  • जनशक्ति: सेना के जवानों के अतिरिक्त, विभिन्न नागरिक विभागों के 350 से अधिक कर्मियों ने इस ड्रिल में सक्रिय रूप से भाग लिया।

महत्व और भविष्य की तैयारी

इस प्रकार के मिलिट्री सिविल फ्यूजन (MCF) अभ्यास निम्नलिखित कारणों से महत्वपूर्ण हैं:

  1. बेहतर तालमेल: यह अलग-अलग कार्यप्रणाली वाली एजेंसियों को एक साझा प्लेटफॉर्म पर लाकर संचार की बाधाओं को दूर करता है।
  2. त्वरित प्रतिक्रिया: आपातकालीन स्थिति में “गोल्डन आवर” (शुरुआती समय) के दौरान त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करता है।
  3. संसाधनों का साझा उपयोग: सैन्य और नागरिक संसाधनों के संयुक्त उपयोग की रणनीति को धार देता है।
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