जापान ने दुनिया में पहली बार पार्किंसंस के लिए स्टेम-सेल उपचार को मंज़ूरी दी

जापान ने पार्किंसंस और गंभीर हार्ट फेलियर के लिए स्टेम-सेल इलाज को मंज़ूरी दे दी है। फार्मास्युटिकल कंपनी सुमितोमो फार्मा ने कहा कि उसे पार्किंसंस बीमारी के इलाज के लिए एमचेप्री बनाने और बेचने के लिए हरी झंडी मिल गई है, जो मरीज़ के दिमाग में स्टेम सेल ट्रांसप्लांट करता है। ये उपचार इस गर्मी की शुरुआत में ही बाजार में आ सकते हैं और मरीजों के लिए उपलब्ध कराए जा सकते हैं, जिससे ये इंड्यूस्ड प्लुरिपोटेंट स्टेम सेल (iPSC) का उपयोग करने वाले दुनिया के पहले व्यावसायिक रूप से उपलब्ध चिकित्सा उत्पाद बन जाएंगे।

  1. Amchepry (पार्किंसंस रोग के लिए): सुमितोमो फार्मा (Sumitomo Pharma) द्वारा विकसित यह उपचार मरीज के मस्तिष्क में स्टेम सेल को प्रत्यारोपित करता है।
  2. ReHeart (हृदय विफलता के लिए): स्टार्टअप ‘Cuorips’ द्वारा विकसित यह हृदय की मांसपेशियों की शीट (Heart muscle sheets) है, जो नई रक्त वाहिकाओं को बनाने और हृदय की कार्यक्षमता को बहाल करने में मदद करती है।

  • iPS कोशिकाएं क्या हैं? ये वयस्क सोमैटिक कोशिकाएं (जैसे त्वचा या रक्त) हैं जिन्हें विशिष्ट कारकों के माध्यम से ‘भ्रूण जैसी’ अवस्था में पुन: प्रोग्राम (reprogram) किया जाता है। इनके पास शरीर की किसी भी कोशिका में विकसित होने की क्षमता होती है। iPS कोशिकाओं को स्वयं रोगी की अपनी कोशिकाओं से भी बनाया जा सकता है, जिससे प्रतिरक्षा तंत्र द्वारा अस्वीकृति (immune rejection) की संभावना कम हो जाती है।
  • खोजकर्ता: जापानी वैज्ञानिक शिन्या यामानाका ने 2006 में इनकी खोज की थी, जिसके लिए उन्हें 2012 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • पार्किंसंस उपचार की प्रक्रिया: स्वस्थ दाताओं से प्राप्त iPS कोशिकाओं को डोपामाइन पैदा करने वाली मस्तिष्क कोशिकाओं के पूर्ववर्ती (precursors) के रूप में विकसित किया जाता है। पार्किंसंस के रोगियों में इन्हीं कोशिकाओं की कमी हो जाती है, जिससे शरीर के मूवमेंट में दिक्कत और कंपन (shaking) पैदा होता है।
  • परीक्षण के परिणाम: क्योटो विश्वविद्यालय के नेतृत्व में किए गए परीक्षणों में 50 से 69 वर्ष के सात रोगियों पर यह उपचार सुरक्षित और लक्षणों में सुधार करने में सफल पाया गया है।
error: Content is protected !!