जम्मू-कश्मीर ने अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीतकर इतिहास रचा
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने हुबली में खेले गए 2025-26 के फाइनल में आठ बार के चैंपियन कर्नाटक को हराकर अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। हालांकि मैच ड्रा पर समाप्त हुआ, लेकिन जम्मू-कश्मीर को पहली पारी में 291 रनों की विशाल बढ़त के आधार पर विजेता घोषित किया गया।
- ऐतिहासिक उपलब्धि: अपने पहले रणजी ट्रॉफी फाइनल में खेलते हुए, पारस डोगरा के नेतृत्व वाली टीम ने भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक मील का पत्थर स्थापित किया।
- बल्लेबाजी का जलवा: शुभम पुंडीर को उनकी शानदार पहली पारी के शतक के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
- गेंदबाजी का प्रदर्शन: जम्मू-कश्मीर की ओर से आकिब नबी ने 23 ओवर में 54 रन देकर 5 विकेट झटके और कर्नाटक के मध्यक्रम को ध्वस्त कर दिया। कर्नाटक की ओर से तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने 34.1 ओवर में 98 रन देकर 5 विकेट लिए।
सीजन के सितारे:
- आकिब नबी: पूरे सीजन में 8 मैचों में 55 विकेट लेने के शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ के खिताब से नवाजा गया।
- 67 साल का इंतजार खत्म: इस जीत ने रणजी ट्रॉफी के ताज के लिए जम्मू-कश्मीर के 67 साल लंबे इंतजार को खत्म कर दिया है।
विशेषज्ञ विश्लेषण
जम्मू-कश्मीर की यह जीत भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक बड़े बदलाव का संकेत है, जहाँ पारंपरिक रूप से मजबूत टीमों (जैसे मुंबई, कर्नाटक) को अब उभरते हुए राज्यों से कड़ी चुनौती मिल रही है।
- पहली पारी की बढ़त का नियम: रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट मुकाबलों में, यदि मैच ड्रा होता है, तो वह टीम विजेता मानी जाती है जिसने पहली पारी में अधिक रन बनाए हों। जम्मू-कश्मीर की 291 रनों की भारी बढ़त ने मैच के तीसरे दिन ही उनकी जीत लगभग सुनिश्चित कर दी थी।
- अनुभव और युवा जोश का संगम: अनुभवी पारस डोगरा के नेतृत्व और आकिब नबी जैसे युवाओं की घातक गेंदबाजी ने इस सीजन में J&K को अजेय बनाया।


