अंतर्राष्ट्रीय बांध सुरक्षा सम्मेलन (ICDS 2026)

अंतर्राष्ट्रीय बांध सुरक्षा सम्मेलन (ICDS 2026) का आयोजन 13 से 14 फरवरी, 2026 तक भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के जे.एन. टाटा ऑडिटोरियम में किया गया। यह सम्मेलन बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना (DRIP) के दूसरे और तीसरे चरण के अंतर्गत आयोजित किया गया था।

इस सम्मेलन का आयोजन केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, कर्नाटक सरकार के जल संसाधन विभाग, केंद्रीय जल आयोग (CWC), IISc बेंगलुरु और विश्व बैंक के सहयोग से किया गया।

इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

मुख्य आकर्षण और तकनीकी पहल

उद्घाटन सत्र के दौरान दो महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए गए:

  1. DAMCHAT: यह एक AI-संचालित प्लेटफॉर्म है जिसे बांधों के लिए अंतर्राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (ICED), IIT रुड़की द्वारा विकसित किया गया है।
  2. जल शक्ति डेटा प्रबंधन प्लेटफॉर्म: राष्ट्रीय जल सूचना विज्ञान केंद्र (NWIC) द्वारा विकसित इस प्लेटफॉर्म का अनावरण जल संबंधी आंकड़ों के बेहतर प्रबंधन के लिए किया गया।

सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियां

मुख्यमंत्री श्री सिद्धारमैया ने अपने संबोधन में बांध सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया। उन्होंने निम्नलिखित चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया:

  • बुनियादी ढांचे का पुराना होना (Ageing Infrastructure)।
  • जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिम।
  • सतत जल प्रबंधन की चुनौतियां।

अंतर्राष्ट्रीय सहभागिता

इस सम्मेलन में वैश्विक स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए 12 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया:

  • भारत, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, श्रीलंका, नीदरलैंड, कनाडा, जाम्बिया, जिम्बाब्वे, फ्रांस, जापान, फिलीपींस और अमेरिका।

DRIP परियोजना का महत्व

यह सम्मेलन DRIP (Dam Rehabilitation and Improvement Project) के तहत आयोजित किया गया था, जिसका लक्ष्य देश भर के बांधों की सुरक्षा और परिचालन दक्षता को बढ़ाना है। इसमें सरकारी नियामकों, शैक्षणिक संस्थानों और वित्तीय संस्थानों (जैसे विश्व बैंक) की सामूहिक भूमिका पर जोर दिया गया है।

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