भारत की पहली मैरीटाइम NBFC, SMFCL ने ऋण वितरण का कार्य शुरू किया

समुद्री क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने वाली भारत की पहली नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC), सागरमाला फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (SMFCL) ने औपचारिक रूप से ऋण वितरण कार्य शुरू कर दिया है। 30 दिसंबर, 2025 को हुई अपनी 51वीं बोर्ड बैठक में कॉर्पोरेशन ने कुल ₹4,300 करोड़ के ऋण मंजूर कर भारतीय ‘ब्लू इकोनॉमी’ में एक नए युग की शुरुआत की है।

किसे मिला कितना फंड?

SMFCL ने अपने पहले चरण के लेंडिंग में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है:

  • ग्रीनफील्ड पोर्ट प्रोजेक्ट: लगभग ₹4,000 करोड़ (पोर्ट-आधारित विकास को गति देने के लिए)।
  • ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (DCI): ₹150 करोड़ (ड्रेजिंग क्षमता विस्तार के लिए)।
  • गोवा शिपयार्ड: ₹110 करोड़ (स्वदेशी जहाज निर्माण को बढ़ावा देने के लिए)।

मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड (MDF): ₹25,000 करोड़ का बड़ा कोष

SMFCL को ₹25,000 करोड़ के कुल कोष वाले ‘मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड’ के प्रबंधन के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह फंड दो प्रमुख हिस्सों में विभाजित है:

  1. मैरीटाइम इन्वेस्टमेंट फंड (₹20,000 करोड़): बुनियादी ढांचे और बड़े निवेश के लिए।
  2. इंटरेस्ट इंसेंटिवाइज़ेशन फंड (₹5,000 करोड़): ब्याज सहायता और रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए।

पृष्ठभूमि और उद्देश्य

SMFCL का उद्घाटन जून 2025 में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य बंदरगाहों, समुद्री MSMEs और स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय कमियों को दूर करना है। यह संस्था न केवल ऋण देती है, बल्कि अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) के तहत सरकार के योगदान का प्रबंधन भी करती है।

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