रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) का उद्घाटन

केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री ने तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के कंदुकुर मंडल में स्मार्ट ग्रीन एक्वाकल्चर फार्म एवं अनुसंधान संस्थान और एक अत्याधुनिक रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) इकाई का आधिकारिक उद्घाटन किया।

जलवायु की बाधाओं को तकनीक ने पछाड़ा

यह परियोजना भारत की पहली वाणिज्यिक स्तर की ऐसी इकाई है जहाँ रेनबो ट्राउट जैसी ठंडे पानी की उच्च मूल्य वाली मछली का पालन उष्णकटिबंधीय (Tropical) जलवायु में किया जा रहा है। पारंपरिक रूप से यह माना जाता था कि ट्राउट जैसी प्रजातियां केवल हिमालयी क्षेत्रों या ठंडी जलवायु तक ही सीमित हैं, लेकिन इस संस्थान ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
  • सटीक इंजीनियरिंग: उन्नत जैविक प्रणालियों के माध्यम से पानी के तापमान और गुणवत्ता का सटीक नियंत्रण।
  • जल पुनर्चक्रण (Water Recycling): आधुनिक RAS तकनीक का उपयोग करके पानी की कम खपत के साथ उच्च उत्पादन।
  • वर्ष भर उत्पादन: उन्नत तकनीकी उपायों की मदद से अब गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों में भी पूरे साल उच्च गुणवत्ता वाली मछली का पालन संभव होगा।
भविष्य की राह

उद्घाटन समारोह के दौरान यह रेखांकित किया गया कि यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि मत्स्य पालन की सफलता अब केवल भौगोलिक स्थिति या जलवायु पर निर्भर नहीं है, बल्कि अपनाए गए उन्नत तकनीकी समाधानों पर टिकी है। यह मॉडल भविष्य में देश के अन्य हिस्सों के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करेगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि और मत्स्य उत्पादन में विविधता आएगी।

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