भारत-खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने FTA पर वार्ता के लिए ToR पर हस्ताक्षर किए

भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने 3 फरवरी, 2026 को प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत के लिए ‘संदर्भ की शर्तें’ (Terms of Reference – ToR) पर हस्ताक्षर किए, जो दोनों पक्षों के बीच आर्थिक संबंधों को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य विवरण:

  • ToR का महत्व: यह ToR भारत-GCC मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत के दायरे, संरचना और तौर-तरीकों का मार्गदर्शन करेगा, जिससे एक व्यापक व्यापार समझौते के लिए औपचारिक चर्चा शुरू होगी।
  • व्यापारिक आंकड़े: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का GCC के साथ व्यापार 178.56 बिलियन अमरीकी डॉलर रहा, जो भारत के कुल वैश्विक व्यापार का 15.42 प्रतिशत है। पिछले पांच वर्षों में, द्विपक्षीय व्यापार में 15.3 प्रतिशत की औसत वार्षिक दर से वृद्धि हुई है।
  • निर्यात और आयात: * भारत के प्रमुख निर्यात: इंजीनियरिंग सामान, चावल, कपड़ा, मशीनरी, और रत्न एवं आभूषण।
    • भारत के प्रमुख आयात: कच्चा तेल, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG), पेट्रोकेमिकल्स और सोना जैसी कीमती धातुएँ।
  • विदेशी निवेश: यह क्षेत्र भारत के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का एक बड़ा स्रोत है, जिसमें सितंबर 2025 तक संचयी निवेश 31.14 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक हो गया है।

खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के बारे में:

  • स्थापना: 25 मई 1981 को रियाद, सऊदी अरब में।
  • सदस्य देश (6): सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन।
  • बाजार की स्थिति: यह लगभग 6.15 करोड़ लोगों का एक संयुक्त बाजार है और इसका सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 2.3 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर है, जो वैश्विक स्तर पर नौवें स्थान पर है।
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