ग्रीनलैंड का इतिहास और वर्तमान स्थिति
ग्रीनलैंड आज डेनमार्क साम्राज्य के भीतर एक स्वायत्त क्षेत्र (Autonomous Territory) है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस द्वीप को खरीदने की निरंतर रुचि ने एक पुराने सवाल को फिर से चर्चा में ला दिया है। सदियों से प्रवासियों की विभिन्न लहरों ने ग्रीनलैंड की इस बर्फीली और कठोर जमीन को अपना घर बनाया है।
1. प्राचीन प्रवासन और बस्तियां
- प्रारंभिक खोज: पुरातात्विक खोजों से पता चलता है कि लगभग 4,000 साल पहले इनुइट (Inuit) समुदाय के लोग उत्तर-पश्चिमी ग्रीनलैंड पहुंचे थे।
- थुले संस्कृति: माना जाता है कि ग्रीनलैंड की वर्तमान जनसंख्या उन लोगों के वंशज हैं जो 1200 ईस्वी के आसपास वहां आए थे और ‘थुले संस्कृति’ से संबंधित थे।
- वाइकिंग्स का आगमन: उसी समय के दौरान, नॉर्वे के खोजकर्ता ‘एरिक द रेड’ के नेतृत्व में आइसलैंड से वाइकिंग्स (Norsemen) भी इस द्वीप पर पहुंचे।
2. डेनिश शासन का इतिहास
- कील की संधि (1814): जब 1814 में डेनमार्क और नॉर्वे अलग हुए, तो कील की संधि के तहत ग्रीनलैंड, आइसलैंड और फरो द्वीप समूह जैसे विदेशी उपनिवेश डेनमार्क के पास ही रहे।
- द्वितीय विश्व युद्ध: युद्ध के दौरान, अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दुश्मनों के हाथों में जाने से बचाने के लिए वहां अपने सैन्य ठिकाने स्थापित किए।
- उपनिवेश से एकीकरण (1953): संयुक्त राष्ट्र के दबाव में 1953 में ग्रीनलैंड का औपनिवेशिक दर्जा समाप्त कर दिया गया और इसे डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा बना दिया गया। हालांकि, इस एकीकरण के लिए स्थानीय लोगों की राय (जनमत संग्रह) नहीं ली गई थी।
3. स्वायत्तता की ओर बढ़ते कदम
ग्रीनलैंड ने समय के साथ अपनी स्वतंत्रता और अधिकारों के लिए कई महत्वपूर्ण पड़ाव पार किए हैं:
| वर्ष | महत्वपूर्ण घटना | प्रभाव |
| 1979 | होम रूल एक्ट | ग्रीनलैंड को अपनी संसद मिली और वह डेनमार्क के अधीन एक स्वायत्त क्षेत्र बना। |
| 2008 | सेल्फ-गवर्नमेंट एक्ट | ग्रीनलैंड को अपने कानूनी और राजनीतिक मामलों पर अधिक नियंत्रण मिला। |
| वर्तमान | वर्तमान स्थिति | आंतरिक मामलों में स्वायत्तता, लेकिन विदेश और रक्षा नीति डेनमार्क के पास है। |
भू-राजनीतिक स्थिति
ग्रीनलैंड आधिकारिक तौर पर दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है जो कोई महाद्वीप नहीं है। भौगोलिक रूप से यह उत्तरी अमेरिका महाद्वीप का हिस्सा है, लेकिन राजनीतिक और ऐतिहासिक रूप से यह यूरोप से जुड़ा हुआ है। डेनमार्क की संसद (Folketing) में ग्रीनलैंड के दो प्रतिनिधि बैठते हैं।


