चार टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं स्थापित या अपग्रेड की जाएंगी
भारत के मेगा-साइंस बुनियादी ढांचे (mega-science infrastructure) को एक बड़ी मजबूती देते हुए, केंद्रीय बजट 2026-27 में चार महत्वपूर्ण टेलीस्कोप और खगोलीय सुविधाओं की स्थापना और उन्नयन की घोषणा की गई है।
इन परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है:
1. नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप (NLST)
- स्थान: मेराक (Merak), लद्दाख।
- महत्व: यह दुनिया के सबसे बड़े सौर दूरबीनों में से एक होगा, जो सूर्य की परतों और सौर गतिविधियों का गहन अध्ययन करने में मदद करेगा।
2. नेशनल लार्ज ऑप्टिकल-इंफ्रारेड टेलीस्कोप (NLOT)
- स्थान: हानले (Hanle), लद्दाख।
- उद्देश्य: यह दूरबीन दृश्य प्रकाश (optical) और अवरक्त (infrared) स्पेक्ट्रम में ब्रह्मांडीय पिंडों के अवलोकन की भारत की क्षमता को कई गुना बढ़ा देगी।
3. अपग्रेडेड हिमालयन चंद्रा टेलीस्कोप (uHCT)
- स्थान: भारतीय खगोलीय वेधशाला, हानले, लद्दाख।
- अपग्रेड: मौजूदा हिमालयन चंद्रा टेलीस्कोप को आधुनिक तकनीक के साथ उन्नत किया जाएगा ताकि इसकी सटीकता और डेटा संग्रह क्षमता में सुधार हो सके।
4. COSMOS-2 तारामंडल (Planetarium)
- स्थान: अमरावती (आंध्र प्रदेश)।
- विशेषता: यह भारत में बनने वाला दूसरा LED डोम तारामंडल होगा। यह अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से खगोल विज्ञान की शिक्षा और सार्वजनिक जागरूकता को बढ़ावा देगा।
Source: PIB


