फिंके नदी- दुनिया की सबसे पुरानी नदी प्रणाली
वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि मध्य ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तानी परिदृश्य से होकर बहने वाली फिंके नदी (Finke River), जिसे स्वदेशी अर्रेन्टे भाषा में ‘लारापिंटा’ कहा जाता है, संभवतः दुनिया की सबसे पुरानी नदी प्रणाली है। भूवैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, यह नदी 300 मिलियन से 400 मिलियन साल पुरानी है।
भौगोलिक विस्तार और प्रकृति
यह नदी नेटवर्क उत्तरी क्षेत्र (Northern Territory) और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में 640 किलोमीटर (400 मील) से अधिक दूरी तक फैला हुआ है।
- अस्थायी प्रवाह: महाद्वीप के मध्य भाग में अत्यधिक शुष्क परिस्थितियों के कारण, यह नदी पूरे वर्ष निरंतर नहीं बहती है।
- संरचना: साल के अधिकांश समय, यह नदी केवल अलग-अलग पानी के गड्ढों (Waterholes) की एक श्रृंखला के रूप में दिखाई देती है, जो केवल भारी बारिश के दौरान एक जीवंत धारा में बदल जाती है।
प्राचीन होने के वैज्ञानिक प्रमाण
नदी की उम्र का निर्धारण करने के लिए वैज्ञानिकों ने भूवैज्ञानिक रिकॉर्ड, अपक्षय प्रोफाइल (weathering profiles) और रेडियोन्यूक्लाइड माप के संयोजन का उपयोग किया है। इन परीक्षणों ने इस नदी प्रणाली को निम्नलिखित दो युगों से जोड़ा है:
- डेवोनियन काल: (419 से 359 मिलियन वर्ष पूर्व)
- कार्बोनिफेरस काल: (359 से 299 मिलियन वर्ष पूर्व)
‘क्रॉस-एक्सियल ड्रेनेज’: एक भूवैज्ञानिक चमत्कार
फिंके नदी की प्राचीनता का सबसे ठोस प्रमाण इसकी ‘क्रॉस-एक्सियल ड्रेनेज’ नामक भूवैज्ञानिक विसंगति है।
- आमतौर पर, नदियाँ प्रतिरोधी चट्टानों के समानांतर या उनके चारों ओर बहती हैं।
- इसके विपरीत, फिंके नदी मध्य ऑस्ट्रेलिया की मैकडॉनेल पर्वतमाला की क्वार्टजाइट जैसी कठोर चट्टानी संरचनाओं को सीधे काटते हुए निकलती है।
- यह इस बात का संकेत है कि नदी इन पर्वत श्रृंखलाओं के बनने से भी पहले वहां मौजूद थी, और जैसे-जैसे पहाड़ ऊपर उठे, नदी ने अपना रास्ता बनाए रखने के लिए उन्हें काटना जारी रखा।


