EU ने ईरान की ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ (IRGC) को आतंकवादी संगठन घोषित किया

ईरानी नेतृत्व के प्रति अपने दृष्टिकोण में एक ऐतिहासिक और कड़ा बदलाव लाते हुए, यूरोपीय संघ (EU) के विदेश मंत्रियों ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकी संगठनों की सूची में शामिल करने पर सहमति व्यक्त की है। इस फैसले के साथ ही अब ईरान की यह शक्तिशाली सैन्य संस्था इस्लामिक स्टेट (ISIS) और अल-कायदा जैसी श्रेणियों में आ गई है।

प्रमुख घटनाक्रम और कारण:

  • प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई: इस महीने की शुरुआत में ईरान में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई क्रूर सैन्य कार्रवाई, जिसमें हजारों लोगों की जान गई, इस फैसले का मुख्य कारण बनी।
  • प्रतीकात्मक और रणनीतिक बदलाव: यूरोपीय संघ के कुछ सदस्य देश पहले कूटनीतिक संबंधों और यूरोपीय नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर इस कदम से हिचक रहे थे, लेकिन हालिया हिंसा ने इस फैसले के पक्ष में माहौल तैयार कर दिया।
  • परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम: IRGC न केवल ईरान की अर्थव्यवस्था और सशस्त्र बलों के एक बड़े हिस्से को नियंत्रित करती है, बल्कि देश के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों की जिम्मेदारी भी इसी के पास है।

IRGC क्या है? (पृष्ठभूमि)

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) एक समानांतर सैन्य निकाय है, जिसका गठन 1979 की ईरानी क्रांति के बाद वहां की मौलवी-शासित व्यवस्था (Clerical Regime) की रक्षा के लिए किया गया था। यह संगठन ईरान में व्यापक राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य प्रभाव रखता है।

  • स्वतंत्र ढांचा: इसकी अपनी थल, जल और वायु सेना शाखाएं हैं।
  • बसीज मिलिशिया: यह संगठन ‘बसीज’ (Basij) नामक धार्मिक स्वयंसेवी मिलिशिया का भी संचालन करता है, जिसका उपयोग अक्सर आंतरिक दमन के लिए किया जाता है।
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