EASE 8.0 सुधारों को EASERise के तौर पर लॉन्च किया गया

EASE सुधार कार्यक्रम के तहत, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) ने ग्राहक शिकायत निवारण, परिसंपत्ति गुणवत्ता और परिचालन दक्षता में सुधार सहित विभिन्न मापदंडों पर महत्वपूर्ण प्रगति की है।

इस सुधार एजेंडा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, EASE 8.0 कॉमन रिफॉर्म्स को ‘EASERise’ के रूप में लॉन्च किया गया है। यह मुख्य रूप से चार स्तंभों (Themes) पर केंद्रित है:

  1. जोखिम और लचीलापन (Risk and Resilience): बैंकिंग संचालन में सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करना।
  2. नवाचार (Innovation): नई तकनीकों और आधुनिक बैंकिंग समाधानों को अपनाना।
  3. सामाजिक-आर्थिक प्रभाव (Socio-economic Impact): वित्तीय समावेशन और समाज के विभिन्न वर्गों तक बैंकिंग पहुँच सुनिश्चित करना।
  4. उत्कृष्टता (Excellence): सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए सेवा और कार्यप्रणाली में श्रेष्ठता प्राप्त करना। 
  • वार्षिक निर्धारण: ‘एन्हांस्ड एक्सेस एंड सर्विस एक्सीलेंस’ (EASE) सुधार एजेंडा हर वित्तीय वर्ष (FY) की शुरुआत में वार्षिक आधार पर तैयार किया जाता है।
  • मार्गदर्शन: यह भारतीय बैंक संघ (IBA) के तत्वावधान में सदस्य बैंकों की ‘EASE स्टीयरिंग कमेटी’ के मार्गदर्शन में अंतिम रूप दिया जाता है।
  • समयबद्ध कार्यान्वयन: एक व्यवस्थित कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए, इसके लक्ष्यों (Metrics) को वित्तीय वर्ष के दौरान अप्रैल से क्रियान्वित करने के लिए निर्धारित किया जाता है।
  • उत्प्रेरक की भूमिका: EASE ने अपने संरचित दृष्टिकोण के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के परिवर्तनकारी सफर में एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य किया है।

Source: PIB

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