इंग्लैंड में मानव द्वारा जलाई गई आग का सबसे पुराना प्रमाण मिला
शोधकर्ताओं ने इंग्लैंड में इंसान द्वारा जलाई गई आग का सबसे पुराना सबूत खोजा है, जो एक 400,000 साल पुरानी घटना है।
इंग्लैंड के बर्नहम गांव में हुई इस नई खोज से इंसान द्वारा आग जलाने की शुरुआत 350,000 साल से भी ज़्यादा पीछे चली गई है, जो पहले सोचे गए समय से कहीं ज़्यादा पहले की बात है।
खोज के मुख्य प्रमाण:
शोध दल को निम्नलिखित पुरातात्विक वस्तुएं मिली हैं:
- पकी हुई मिट्टी: यह आग के उपयोग का सीधा प्रमाण है।
- शुरुआती पाषाण युग का लाइटर: यह ‘लाइटर’ एक चकमक पत्थर (फ्लिंट) था जिसे पाइराइट ($FeS_2$) नामक चट्टान से रगड़ा गया था।
- स्थान: यह पुरातात्विक खजाना बर्नहम जंगल के पेड़ों के नीचे, धरती से कुछ मीटर नीचे दबा हुआ था।
पाइराइट (Pyrite) का महत्व:
| विशेषता | विवरण |
| रासायनिक संरचना | यह एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला आयरन डाइसल्फाइड खनिज ($FeS_2$) है। |
| नामकरण | इसका नाम ग्रीक शब्द ‘पाइर’ (Pyr), जिसका अर्थ “आग” है, से आया है, क्योंकि धातु से टकराने पर इससे चिंगारी निकलती है। |
| अन्य नाम | इसे ‘मूर्खों का सोना’ (Fool’s Gold) भी कहा जाता है, क्योंकि नए लोगों के लिए इसका रंग धोखे से सोने की डली जैसा दिखता है। |
| प्राचीन उपयोग | भूवैज्ञानिक अध्ययनों से पता चलता है कि पाइराइट स्थानीय रूप से दुर्लभ है, जिससे पता चलता है कि इसे जानबूझकर आग जलाने के लिए उस जगह पर लाया गया था। प्रागैतिहासिक कब्रों में पाइराइट के टुकड़े मिले हैं, जो आग जलाने के साधन के रूप में इसके इस्तेमाल का संकेत देते हैं। |
यह खोज मानव के प्रागैतिहासिक काल की सबसे पुरानी गहराइयों से जुड़ी है और आग पर नियंत्रण हासिल करने के शुरुआती प्रयासों को दर्शाती है।


